कांग्रेस नेता पीसी शर्मा का आरोप, कोरोना है बहाना,विधानसभा सत्र टालना चाहती है प्रदेश सरकार

पूर्व मंत्री शर्मा का कहना है कि कांग्रेस की मांग है कि सत्र मात्र 3 दिन नहीं बल्कि 7 दिन चले। साथ ही इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्वाचन भी हो।

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भोपाल,डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र (Winter session of the assembly) 28 दिसंबर से 30 दिसंबर तक चलेगा, लेकिन इसके शुरू होने से पहले ही मध्य प्रदेश की सियासत में भूचाल मचा हुआ है। जहां एक और कांग्रेस (Congress) ने सत्र के पहले दिन किसान के समर्थन (Farmers Support) में विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया है, वही विधानसभा के 34 कर्मचारी और तीन विधायक के कोरोनावायरस पॉजिटिव (Corona Positive) होने की खबर से भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।

वहीं विधानसभा पर कोरोनावायरस (corona virus) का कहर मंडराने के चलते शासन सत्र को टालने पर विचार कर रहा है। तो उधर कांग्रेस शिवराज सरकार (Shivraj Government) पर आरोप लगाते हुए कह रही है कि सरकार विधानसभा के शीतकालीन सत्र को टालना  चाहती है। कांग्रेस (Congress) का आरोप है कि शिवराज सरकार भ्रम फैला रही है। विधानसभा से सिर्फ एक ही कर्मचारी कोरोनावायरस पॉजिटिव पाया गया है।

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विधानसभा के 34 मरीज और तीन विधायक के खबर को लेकर पूर्व जनसंपर्क मंत्री और कांग्रेस नेता पीसी शर्मा (Congress leader PC Sharma) ने कहा कि सिर्फ विधानसभा का एक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है और बाकी सारे आउटसोर्स कर्मचारी (Outsource Employees) हैं, इसको लेकर मामले की जांच होना चाहिए।

पीसी शर्मा (PC Sharma) का आरोप है कि शिवराज सरकार (Shivraj Government) कोरोनावायरस का बहाना लेकर शीतकालीन सत्र को टालना चाहती है। पहले यह सत्र 22 दिसंबर को होना था जिसे टालते टालते अब ये सत्र साल के आखिर में यानी कि 28 से 30 दिसंबर तक होगा। बीजेपी द्वारा दो बार सत्र को बुलाया गया है जिसमें एक बार सिर्फ 9 मिनट तक कार्यवाही चली तो दूसरी बार 1 घंटा 57 मिनट तक ही कार्यवाही चली।

पीसी शर्मा यहीं नहीं रुके उन्होंने प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा (Protem Speaker Rameshwar Sharma) को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सत्ता के हिसाब से प्रोटेम स्पीकर अपना निर्णय ले रहे हैं, जबकि उन्हें सदन को संरक्षण देना चाहिए। पीसी शर्मा ने कहा कि प्रदेश की सरकार केवल अध्यादेश की सरकार ही रह गई है। इतिहास में पहली बार हुआ जब वजट अध्यादेश द्वारा पारित किया गया। बीजेपी संविधान की धज्जियां उड़ाने में तुली हुई है। पीसी शर्मा ने कहा कि विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का भी चुनाव होना है लेकिन प्रदेश सरकार इस चुनाव को टालना चाहती है और यही कारण है कि वह सत्र बुलाने से बच रही है।

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बता दें कि 28 दिसंबर कांग्रेस किसान के समर्थन में की ट्रैक्टर रैली (Tractor Rally) लेकर विधानसभा पहुंचेगी और इसी दौरान कलेक्टर द्वारा विधानसभा के 5 मीटर के दायरे में ट्रैक्टर ट्रॉली और धीमी गति वाले वाहन जैसे टांगा बैली गाड़ी आदि के आवागमन पर बैन (Ban) लगाया गया है, जिस पर पीसी शर्मा ने कहा कि प्रदर्शन करना विपक्ष (Opposition) का अधिकार है और सरकार संवैधानिक अधिकार का हनन कर रही है ।

पूर्व मंत्री शर्मा (Former Minister PC Sharma) का कहना है कि कांग्रेस की मांग है कि सत्र मात्र 3 दिन नहीं बल्कि 7 दिन चले। साथ ही इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष (Assembly Speaker and Deputy Speaker) का निर्वाचन (Election) भी हो। वहीं विधायकों के लगाए गए सभी सवालों का जवाब भी मिलना चाहिए। वही कोरोनावायरस के चलते मोबाइल पर एक्सेस देकर घर से ही विधायकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Confrencing) के जरिए विधानसभा सत्र में भाग लेने को लेकर पीसी शर्मा ने आपत्ति जताई है।