स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कैप्टन लक्ष्मी सहगल को माकपा ने किया याद

कानपुर में जीवन भर अस्पताल चलाकर गरीबों की सेवा का काम करती रही

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। आजाद हिन्द फ़ौज की महिला इकाई की पहली कैप्टन रहीं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कैप्टन लक्ष्मी सहगल की पुण्यतिथि पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने उन्हें याद किया। माकपा कार्यालय पर उनकी स्मृति में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया । उधर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने भी कैप्टन लक्ष्मी सहगल को याद किया।

माकपा कार्यालय पर आयोजित विचार गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में बालते हुए माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह कहा कि देश को आजादी दिलाने के लिए नेताजी सुभाषचंद बोस द्वारा गठित आजाद हिन्द फौज के महिला रेजिमेंट की पहली कैप्टन ल़क्ष्मी सहगल की स्मृति को याद किया जाना बेहद जरूरी है। देश की वर्तमान पीढ़ी को उनके बारे में बताया जाना इसलिए आवश्यक है कि आज कैरियर बनाने की अंधी दौड में समाजिकता, मानवीय मूल्य, देश व समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव कम होता जा रहा है। इस मामले में कैप्टन लक्ष्मी सहगल एक अनुकरणीय व्यक्तित्व है। उस जमाने में एक महिला का डाक्टर होना अपने आप में बडी उपलब्धि थी, लेकिन कैप्टन लक्ष्मी सहगल ने इस व्यवसाय को चुनकर आराम भरी जिंदगी बिताने के बेहतर देश को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति दिलाने का बीड़ा उठाया।

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जसविंदर सिंह ने कैप्टन लक्ष्मी सहगल के जीवन के सबंध में विस्तार से बताते हुए कहा कि आजादी के बाद भी तमाम तमगे और सुविधाएं प्राप्त करने से बेहतर उन्होंने अपनी डाक्टरी के पेशे को गरीब जनता के कल्याण के लिए समर्पित किया। कानपुर में जीवन भर अस्पताल चलाकर गरीबों की सेवा का काम करती रही। बाद में वे भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) में शामिल हुई एवं राष्ट्रपति पद के निर्वाचन में वामपंथ की उम्मीदवार भी बनी।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कैप्टन लक्ष्मी सहगल को माकपा ने किया याद

विचार गोष्ठी में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चन्द्रशेखर आजाद एवं बाल गंगाधर तिलक को भी याद किया गया।
विचार गोष्ठी की अध्यक्षता अनवर अली ने की। गोष्ठी का संचालन पार्टी के नगर सचिव प्रवेश कुशवाह द्वारा किया। इस विचार गोष्ठी में पार्टी के जिला सचिव अखिलेश यादव ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में रामविलास गोस्वामी, श्याम यादव, भगवान दास सैनी, बीपी गणक, नाथूसिंह कुशवाह, नवल सिंह कुशवाह, गणेश राठौर, अंगद सिंह, जयसिंह राठौर, भगवान दास माहौर, आदि उपस्थित थे।

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अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने भी किया याद 

महान स्वतंत्रता सेनानी एवं अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की संस्थापक सदस्य कैप्टन लक्ष्मी सहगल के 9वीं स्मृति दिवस पर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति द्वारा “स्वास्थ्य का अधिकार, जीने का अधिकार बेहतर स्वास्थ्य में पिछड़ी महिलाएं” विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया।  कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए पूर्व पार्षद उषा गोस्वामी ने डॉ लक्ष्मी सहगल जी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया, एडवा की जिलाध्यक्ष रीना शाक्य ने युवतियों को संबोधित किया और कैप्टन लक्ष्मी सहगल के संघर्षों के इतिहास के बारे में बताते हुए कहा कि कैप्टन लक्ष्मी सहगल ने ना सिर्फ खुद स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान दिया बल्कि हजारों महिलाओं को प्रेरित करने का काम भी किया, साथ ही यह भी बताया कि आज किस तरीके से महिलाएं ना सिर्फ शिक्षा बल्कि स्वास्थ्य के मामले में भी पिछड़ी हुई है आज महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कैप्टन लक्ष्मी सहगल को माकपा ने किया याद

उन्होंने  कहा कि भारत में आज भी लगभग 50.4% महिलाएं एनीमिया ( खून की कमी ) से जूझ रही हैं इसलिए आज जरूरत है सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करते हुए महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाए उपलब्ध कराई जाए। कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव प्रीति सिंह द्वारा किया गया एवं युवतियों के बीच “सेनेटरी पैड” का भी वितरण किया गया। इसके अलावा एडवा की दो अन्य इकाई द्वारा भी डॉक्टर कैप्टन लक्ष्मी सहगल की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया। कार्यक्रम में रीना माहौर, सीमा कुशवाहा, सुनीता, हेमलता शाक्य, गीता जाटव, सुनीता गौतम एवं कांता राजोरिया भी शामिल हुए।

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