Dabra News : चिराग शिवहरे हत्या मामले में परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप, शहर में निकाला कैंडल मार्च

Amit Sengar
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Dabra News : विगत दिनों प्रेम प्रसंग के चलते चिराग शिवहरे की जलाकर हत्या कर दी गई थी जिसमें खुद मृतक के परिजनों ने मृतक की जली हुई बॉडी के अवशेष किसी नाले से निकाली थी इस पूरे मामले में मृतक के परिजनों ने हत्यारे पर एफ आई आर कराने के लिए 2 दिन पहले डबरा थाने का घेराव कर सिमरिया टेकरी डबरा ग्वालियर हाईवे पर जाम लगाया था लेकिन प्रशासन के आश्वासन मिलने के बाद लगभग 2 घंटे बाद जाम को खोल दिया गया लेकिन आज दिनांक तक हत्यारों पर कोई कार्यवाही ना होने के कारण मृतक के परिजनों ने महिलाओं के साथ आकर एक बार फिर डबरा थाने का घेराव किया और हत्या से जुड़े सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए।

यह है मामला

वहीं मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर मामले को लेकर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं उन्होंने बताया की चिराग के हत्यारों ने उसे जलाकर उसके टुकड़े कर के हत्या कर दी थी जानकारी मिलने के बाद जब वहां पुलिस पहुंची तो पुलिस ने चिराग के कुछ ही अवशेष बरामद किए लेकिन उसके बाद परिजन खुद वहां पहुंचे और चिराग के बाकी अवशेष ढूंढ निकालें जिसमें चिराग का हाथ उंगलियां हार्ड और भी अन्य अवशेष मिले बाद उन्हें बॉडी के और भी कई अन्य पार्ट्स मिले उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन इस मामले को लेकर पूरी तरह लापरवाह है मृतक के परिजन ने बताया कि 2 दिन पहले जब सिमरिया टेकरी पर हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर उनके द्वारा जाम लगाया गया था तब प्रशासन ने 24 घंटे में कार्यवाही करने का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक कोई कार्रवाई पुलिस प्रशासन द्वारा नहीं की गई उनका कहना था कि इस हत्या में 6 लोग सम्मिलित हैं जिसमें से अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई उन्होंने एक लड़की का भी हत्या में सम्मिलित होने का जिक्र किया है लेकिन पुलिस प्रशासन अभी तक सोया हुआ है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि जिले में निरंतर अपराध चरम पर पहुंच रहे हैं और पुलिस प्रशासन अभी तक नहीं जागा आखिरकार ऐसा कब तक चलेगा।

युवाओं ने निकाला कैंडल मार्च

डबरा के चिराग शिवहरे (सागर) की आत्मा की शांति के लिए और हत्यारों को फांसी पर लटकाने के लिए सागर के युवा साथियों ने सागर के गृह निवास से लेकर शहर के अग्रसेन चौराहे तक हाथों में मोमबत्तियां लेकर और सागर के फोटो के साथ बैनर को आगे रखकर और सागर के हत्यारों को फांसी दो की तख्तियां हाथों में लेकर सैकड़ों युवाओं ने कैंडल मार्च निकाला वही सागर के युवा साथियों के चेहरे भावुक दिखे और सागर के हत्यारों को फांसी दो के नारे लगाएं लेकिन सोचने वाली बात यह है कि जब सागर की मौत से इतने लोग उदासीन है ऐसे में प्रशासन क्यों शांत बैठा हुआ है।
डबरा से अरुण रजक की रिपोर्ट


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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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