अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे प्रायवेट स्कूल संचालक, सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा

डबरा, सलिल श्रीवास्तव। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के आह्वान पर प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत भितरवार प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने गुरूवार को करैरा तिराहे पर एक दिवसीय अनशन धरना प्रदर्शन किया और मुख्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इन्होने मंत्री भारत सिंह कुशवाह एवं एसडीएम अश्वनीकुमार रावत को ज्ञापन दिया।

सुबह दस बजे शुरू हुआ अनशन धरना शाम तक चला। इस अवसर पर धरना स्थल पर कैलाश कुशवाह, एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम जैन ने स्कूल संचालकों की पीड़ा व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से मांग की उनकी मांगों को मानने सरकार और उन्हें तत्काल राहत दे। अभी हमने एक दिवसीय अनशन शुरू किया है आगे बड़े आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा। प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन के धरना प्रदर्शन में पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सतीश मघैया, पूर्व उपाध्यक्ष धर्मेंद्र अग्रवाल, पूर्व पार्षद रघुवीर सिंह यादव ने भी अपने विचार रखे और एसोसिएशन की मांगों का समर्थन किया इस अवसर पर बृजेंद्र सिंह कुशवाह, निर्मल जैन, एसके सिसोदिया,बादाम सिंह यादव, जयवीर सिंह चौहान, चंद्रभान सिंह यादव, वीरेंद्र श्रीवास्तव मुरारीलाल यादव, राधेश्याम जैन,कुमुद तिवारी,गुरूवचन सिंह, नवीन चौहान, धर्मेंद्र रावत, नीतीश राठौर,कुवेंद्र तिवारी,क्रांति श्रीवास्तव, मोहन सिंह यादव, दीपक शर्मा,रविन्द्र श्रीवास्तव, मेघ सिंह रावत,ताहिर अली,अतेंद्र रावत, राहुल जैन, विकास यादव,भूदेव दुबे,हरि भगत, आदि उपस्थित थे।

मंत्री भारत सिंह कुशवाह को दिया ज्ञापन
धरने पर बैठे स्कूल संचालक अपनी मांगों को लेकर भितरवार पहुंचे तथा उद्यानिकी एंव खाद्य प्रसंस्करण एवं नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। इन्होने अपनी परेशानी बताई कि स्कूल संचालकों और स्टाफ पिछले आठ माह से किस तरह अपना गुजर-बसर कर रहे हैं। इनके परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। इन्होने तत्काल आर्थिक मदद दिए जाने और और कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए स्कूल खोलने की अनुमति प्रदान की जाए। मंत्री ने स्कूल संचालकों की बात को गंभीरता पूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि शीघ्र ही सीएम को आपकी समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। इसके बाद ये लोग धरना स्थल करैरा तिराहे से एसडीएम कार्यालय तक रैली के रूप में पहुंचे और अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर एसडीएम अश्वनीकुमार रावत को भी सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।

स्कूल संचालको की प्रमुख मांगें
इनका कहना है कि पिछले 8 माह से कोविड-19 के चलते विद्यालय बंद है। प्राइवेट विद्यालयों के संचालक एवं स्टाफ कठिन दौर से गुजर रहे हैं। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की बैठक में स्कूल स्कूल संचालकाें ने अपनी समस्याओं को रखते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण की वजह से निजी स्कूल बंद हैं और पैरेंट्स फीस नहीं दे रहे हैं। फीस नहीं मिलने की वजह से स्कूलों का प्रॉपर्टी टैक्स, बिजली बिल और पानी का बिल भी बकाया है। इन्होने बिल माफ करने के साथ मार्च से लेकर अब तक बिजली, पानी और हाउस टैक्स माफ करने एवं स्कूलों के ऊपर भवन लोन, बस लोन की किश्त भरने पर छूट दिए जाने की मांग की है। साथ ही कहा है कि प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों और स्टाफ के वेतन का भुगतान सरकार करे। कक्षा पहली से 12वीं तक की मान्यता 5 साल के लिए रिन्यूवल किया जाए। आरटीई की फीस प्रतिपूर्ति तत्काल की जाए। स्कूल संचालकों ने शासन से मांग की है कि कोविड-19 का पालन करते हुए विद्यालय संचालित कराए जाएं जिससे बच्चों का भविष्य प्रभावित न हो।

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