शासकीय भूमि को बेचना और ख़रीदना पड़ा महंगा, हो गई एफआईआर

डबरा,सलिल श्रीवास्तव। शासकीय भूमि पर कब्जा और उसे बेचना लोगों के लिए आम बात हो गई है,ऐसा ही एक मामला भितरवार तहसील में पकड़ में आया है, जिसमें शासकीय भूमि को बेचने और खरीदने वाले दोनों व्यक्तियों पर भितरवार तहसीलदार की शिकायत पर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर दिया गया है।आपको बता दें कि यह पूरा मामला भितरवार के वार्ड क्रमांक 5 सांसन की शासकीय भूमि से जुड़ा है, यहाँ स्थित शासकीय भूमि के सर्वे क्रमांक 542 को फर्जी नोटरी के माध्यम से विक्रय किया जा रहा था जैसे ही इस बात की जानकारी भितरवार तहसीलदार श्यामू श्रीवास्तव को लगी तो उन्होंने तत्काल आरआई और पुलिस को मौके पर भेजा तो पाया मामला सही था और शासकीय भूमि के सर्वे क्रमांक 542 में से 720 वर्ग फुट की नोटरी को विक्रेता कलिया बाई पत्नी किशोरीलाल जाति कुशवाह निवासी चकरामपुर तहसील नरवर के द्वारा क्रेता लक्ष्मीनारायण गौड़ निवासी वार्ड 4 भितरवार को बेचा जा रहा था यह पूरी खरीद-फरोख्त 1000 के स्टांप पर की जा रही थी मौके पर मिले दस्तावेजों के आधार पर साबित हुआ कि शासकीय भूमि का विक्रय पत्र किया जा रहा है।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ने तहसील कार्यालय में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर की शिकायत भितरवार थाने में धोखाधडी की धारा 420 के तहत मामला दर्ज करा दिया है उक्त प्लॉट की क़ीमत छः लाख रुपय बताई जा रही है। फ़िलहाल तहसीलदार की इस कार्रवाही से भितरवार में हलचल बढ गई है क्योंकि यहाँ अधिकांश मकान शासकीय भूमि पर क़ब्ज़ा कर बनाये गये है और नोटरी के माध्यम से क़ब्ज़ाधारी ज़मीन को दूसरे को बेचता आ रहा है। शासकीय भूमि को बेचने की जानकारी मिली तस्दीक़ कराई तो मामला सही पाया विक्रेता और क्रेता दोनों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज करा दिया गया है।