CMHO-threatens-to-persuade-minister-in-charge-against-Congress-minister

दमोह।

सत्ता में आते ही कमलनाथ सरकार के मंत्री-विधायक सख्त रवैया अपनाए हुए है। ताजा मामला दमोह से सामने आया है जहां स्वास्थ्य शिविर के दौरान दमोह विधायक सीएमएचओ पर भड़क उठे और उन्होंने  प्रभारी मंत्री और कलेक्टर की मौजूदगी में ही सीएमएचओ को चेतावनी देते हुए कहा सीएमएचओ साहब अपना रवैया सुधारें वरना दंड मिलेगा। विधायक के इतने कहते ही कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे डॉक्टर गुस्सा गए और उन्होंने कलेक्टर को सामूहिक इस्तीफा मंजूर करने के लिए आवेदन दे दिया।इस दौरान डॉक्टरों और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का मुक्का भी हुई।

दरअसल,दमोह के जिला अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जहां पर अतिथि के रूप में दमोह के प्रभारी मंत्री स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रभु राम चौधरी के साथ दमोह विधायक राहुल सिंह भी मौजूद थे। राहुल सिंह ने अपने भाषण के दौरान जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर टिप्पणी की और सीएमएचओ डॉक्टर आर के बजाज पर कई आरोप लगा दिए।राहुल ने कहा कि सीएमएचओ पर फोन नही उठाने और पदाधिकारियों की बात न सुनने सहित कई आरोप मंच से लगाए।राहुल ने कहा कि ऑफिस में बैठने से काम नहीं चलेगा। रवैया बदलना पड़ेगा। ग्रामीण अस्पतालों से मरीज को दमोह रेफर किया, दमोह से जबलपुर। उन्हें (डॉ. बजाज को) जब चार बार फोन लगाओ, तब आप एक बार फोन उठाते हैं, कैसे चलेगा। मैं तीन बार अस्पताल की विजिट कर चुका हूं, लेकिन हालात नहीं बदले। आपके काम करने का रवैया ठीक नहीं है, ये कमलनाथ के नेतृत्व की सरकार है। यदि कोई भी पदाधिकारी उन्हें (डॉ. बजाज को) फोन लगाता है तो एक बार में फोन उठाकर जवाब दीजिए, आपकी बहुत शिकायतें मिल रहीं हैं।इस दौरान विधायक ने सीएमएचओ को धमकी भी दे दी औऱ कहा कि साहब अपना रवैया सुधारें वरना दंड मिलेगा। 

इतने पर कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे डॉक्टर भड़क उठे और उन्होंने वही विधायक को खरी-खोटी सुनाना शुरु कर दिया।इस दौरान कार्यकर्ताओं और डॉक्टरों में भी तीखी नोंक झोंक हुई और कई डॉक्टरों के साथ धक्कामुक्की भी हुई। इस दौरान प्रभारी मंत्री एवं दमोह विधायक भी मौजूद थे, लेकिन वे वहां से निकल गए। एसडीएम रविंद्र चौकसे ने भी कांग्रेसियों को वापस भेजा। वहीं डॉक्टरों ने तुरंत बैठक बुलाई और  इस्तीफा देने की धमकी दी है। कलेक्टर को ज्ञापन देने के लिए पहुंच गए। वहां पर उन्होंने एडीएम आनंद कोपरिया को ज्ञापन सौंपा और सामूहिक इस्तीफा की पेशकश की। इसके बाद कार्यक्रम में लेट शामिल होने पहुंचे सांसद प्रहलाद पटेल के सामने यह बात सीएमएचओ और सिविल सर्जन ने रखी।