दमोह : बांग्लादेशी घुसपैठिया गिरफ्तार, माँ के इलाज के बाद नहीं लौटा वापस अपने देश

दमोह, आशीष कुमार जैन। देश भर में बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर लंबे समय से चिंता जाहिर की जा ही है तो एक बार फिर एम पी के दमोह में एक घुसपैठिया पुलिस के हाथ आया है जिसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। मामला दमोह जिले के तेजगढ़ थाने से सामने आया जहां के झलौन गावँ में ये बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार हुआ है। दरअसल मामला कुछ इस तरह से है कि साल 2012 में बांग्लादेश की बॉर्डर अवैद्य रूप से पार करके विश्वजीत नाम का शख्स पश्चिम बंगाल अपनी माँ को इलाज के लिए लेकर आया था। विश्वजीत की माँ ठीक हो गई तो वापस उसी रास्ते से अपने देश वापस चली गई लेकिन विश्वजीत भारत मे ही रह गया। इस बांग्लादेशी नागरिक ने पश्चिम बंगाल से मध्यप्रदेश का रुख किया और वो दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में आकर एक बंगाली डॉक्टर के यहां काम करने लगा और साल भर काम सीखने के बाद उसने तेजगढ़ थाने के झलोन गांव को अपना ठिकाना बनाया और तब से वो यहां रह कर झोलाछाप डॉक्टर का काम कर रहा था।

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साल 2018 में विश्वजीत की माँ का देहांत हो गया और बांग्लादेश जाने के लिए उसने फर्जी दस्तावेज लगाकर पासपोर्ट भी बनवा लिया लेकिन जब वो बांग्लादेश जा रहा था तो उसके दस्तावेजों की जांच की गई और उसे वापस कर दिया गया। साल 2018 से चली आ रही जांच तीन साल बाद पूरी हुई और ये सिद्ध हो गया कि विश्वजीत बांग्लादेशी घुसपैठिया है और दो दिन पहले तेजगढ़ पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया जिसे कोर्ट में पेश किया गया जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। दमोह के एडिशनल एस पी शिवकुमार सिह के मुताबिक इस बांग्लादेशी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद चौकसी बढ़ा दी गई है और जिले भर में थानों को एलर्ट किया गया है ताकि और कोई घुसपैठिया पुलिस की नजर से बच न पाए।