दमोह : मुख्यमंत्री के आदेश की धज्जियां उड़ाने में लगे उनकी ही पार्टी के नेता और विधायक

भाजपा ने मौन धरना दिया है।

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दमोह,आशीष कुमार जैन। देश के साथ मध्यप्रदेश में बढ़ रहे कोरोना मरीजों की संख्या को देखते हुए जहां सूबे के मुखिया और सरकार खासी चिंतित हैं। वहीं सूबे में सरकार के दल के नेता और पार्टी के विधायक ही मुख्यमंत्री के आदेश और निर्देशों की धज्जियां उड़ाने में लगे हैं। ताजा मामला दमोह का है जहां भाजपा नेताओं और जिम्मेदार विधायक ने सीएम के फरमान को मजाक बनाया।

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दरअसल, मुख्यमंत्री लगातार लोगों को मास्क लगाने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील कर रहे हैं इतना ही नही प्रशासन आम नागरिकों का बिना मास्क के जुर्माना भी कर रही है तो गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तो बिना मास्क लगाये लोगों के लिए खुली जेल तक बनाने का बयान दिया है लेकिन ये फरमान शायद भाजपाइयों पर लागू नही हो रहा हैं। अब जरा देखिए ये तश्वीरें, जगह दमोह का भाजपा कार्यालय जहां पीएम मोदी के साथ पंजाब में हुई घटना को लेकर भाजपा ने मौन धरना दिया है।

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गौरतलब है कि सोशल डिस्टेंसिंग शब्द यहाँ से कोंसो दूर है तो धरने पर बैठे हुए लोग मास्क भी नही लगाये हैं। पहली पंक्ति में नजर आ रहे लोगों में दमोह के हटा से भाजपा विधायक पी एल तंतुवाय, जिला पंचायत के अध्यक्ष शिवचरण पटेल, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश महामंत्री संजय राय, दिख रहे हैं जो बेहद करीब बैठे हैं और मास्क कहीं नजर नही आ रहा। जब जिम्मेदार नेता मास्क नही लागये तो कार्यकर्ता क्यों लगाते? हालांकि पूरे धरने में कुर्सियों पर बैठी दिखाई दे रही कुछ महिला नेत्रियां जरूर मास्क लगाकर बैठी हैं।

इन तश्वीरों के बाद जब मीडिया ने सवाल किए तो विधायक हड़बड़ा गए और आगे मास्क लगाने की बात कहते रहे। पूरे मामले पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रीतम लोधी का कहना है हो सकता है कि कुछ लोग मास्क न लगाए हों जबकि उनके चेहरे पर भी मास्क नही था।

धरने के दौरान सीएम के निर्देशों का पालन करने वाली महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष शिखा जैन जरूर कह रही हैं कि लोगों को मास्क लगाना चाहिए। मीडिया की रोकटोक के बाद धरने के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे नेताओं ने मास्क जरूर लगा लिया। लेकिन इस भीड़ में भी उनके साथ कुछ फ़ोटो प्रेमी बिना मास्क के ही नारेबाजी करते रहे, लेकिन जिम्मेदार नेताओं ने उन्हें टोका नही। ऐसे में जब जिम्मेदार नेता विधायक ही नियमों का मजाक बनायेंगे तब आम जनता पर जुर्माना क्यों ये सवाल जरूर खड़ा होता है।