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दमोह : राजनीति कम खर्चीली हो और सुचिता बनी रहे – केंद्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल

Written by:Amit Sengar
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दमोह : राजनीति कम खर्चीली हो और सुचिता बनी रहे – केंद्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल

दमोह, आशीष कुमार जैन। देश की राजनीति काम खर्चीली हो और राजनैतिक सुचिता बनी रहे इसे लेकर अब केंद्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल ने मुहीम शुरू की है और इसकी शुरुआत उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र दमोह के आदिवासी बाहुल्य गावं सिगोड़ी से की। जलशक्ति राजयमंत्री पटेल अपनी पत्नी पुष्पलता सिंह के साथ सिगोड़ी पहुंचे और उन्होंने यहाँ आदिवासियों के बीच संवाद किया वहीँ जनजाति के लोगों के साथ भोजन करने के साथ ही उन्होंने रात्रि विश्राम भी यही किया।

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इस मौके पर आदिवासी समुदाय को संबोधित करते हुए मंत्री पटेल ने राजनीति में आदिवासियों के योगदान के साथ देश के विकास में सहभागिता की बात कही हैं मीडिया से बातचीत में पटेल ने अपने इस कार्यक्रम के बारे में कहा की पार्टी की मंशा है की आने वाली पीढ़ी को अपने महापुरुषों के त्याग बलिदान से अवगत कराया जाए जिसके तहत उन्होंने आदिवासी अंचल से ये शुरुवात की है उन्होने कहा की राजनीति कम खर्चीली हो और सुचिता बनी रहे इसके लिए वो लोगों से संवाद कर रहे है।

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मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने बूथ विस्तारक योजना शुरू की हैं, और इसमें यह तय किया हैं जो राजनैतिक विचार धारा है और राजनैतिक कार्य प्रणाली है उसमें सादगी विचार धारा के प्रतिबद्धता, राजनैतिक सुचिता और नैतिक मूल्यों पर आधारित राजनीति हैं। इनके प्रति आने वाली पीढ़ी को सचेत करना हैं साथ ही बढ़ते हुए चुनाव खर्चे हो या साधनों की मारामारी हो ये राजनीतिक स्वच्छता को प्रभावित करते हैं और राजनीतिक खर्चीली न हो विशेषकर चुनावी राजनीति यह तभी संभव हो आने वाली पीढ़ी को बताए।

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लेखक के बारे में
मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।” View all posts by Amit Sengar
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