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MP के इस जिले में मिले कर्क रेखा के गुजरने के साक्ष्य, सर्वे में पुष्टि, इन इलाकों को किया जाएगा डेवलप

Written by:Amit Sengar
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एएसआई और दमोह जिला प्रशासन मिलकर इन जगहों को पर्यटन स्थल के रूप में डेवलप करेगा ताकि दूर-दूर से पर्यटक यहां आकर आनंद लें।
MP के इस जिले में मिले कर्क रेखा के गुजरने के साक्ष्य, सर्वे में पुष्टि, इन इलाकों को किया जाएगा डेवलप

Damoh News : मध्य प्रदेश के दमोह जिले को बड़ी सौगात मिली है जब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ब्यूरो की टीम ने सर्वे कर दमोह जिले से कर्क रेखा के गुजरने की पुष्टि की है और अब जिले के दो स्थान कर्क रेखा स्थल के रूप में विकसित होंगे।

दरअसल लंबे समय से बात सामने आ रही थी कि जिले से कर्क रेखा होकर गुजरती है, और इस जानकारी के बाद जिला प्रशासन ने भारत सरकार के पुरातत्व सर्वेक्षण ब्यूरो यानी एएसआई को सर्वे के लिए पत्र लिखा था। इस पत्र पर एएसआई ने एक सर्वे दल दमोह भेजा और टीम ने जिले के तेन्दूखेड़ा क्षेत्र में सर्वे किया। जहाँ टीम को दो जगह से कर्क रेखा के गुजरने के प्रमाण मिले है। जिनमे पहली जगह गांव पिंडरई और दूसरी ग्राम बगदरी। अब इन दोनों जगहों को कर्क रेखा के प्वॉइंट के रूप में डेवलप किया जाएगा। एएसआई और दमोह जिला प्रशासन मिलकर इन जगहों को पर्यटन स्थल के रूप में डेवलप करेगा ताकि दूर-दूर से पर्यटक यहां आकर आनंद लें।

एएसआई की टीम ने किया सर्वे

डिप्टी सुपरिटेंडेंट सर्वेयर ऑफिसर जय प्रकाश पाटीदार ने कहा कि आज यहाँ पर कर्क रेखा के लिए स्टैक आउट विधि चार पॉइंट्स चिन्हांकित किए हैं, इसको आगे वेरीफाई किया जायेगा। उन्होंने कहा वेरीफाई के बाद रेखा फाइनल हो जाएगी कि सड़क पर कहाँ से कर्क रेखा जा रही है।

MP के इन जिलों से गुजरती है कर्क रेखा

भोपाल
विदिशा
रायसेन
सागर
दमोह
कटनी
जबलपुर
रतलाम
उज्जैन
आगर-मालवा
राजगढ़
सीहोर
उमरिया
शहडोल
अब इस सूची में नया जिला दमोह होगा।
दमोह से दिनेश अग्रवाल की रिपोर्ट

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लेखक के बारे में
मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।” View all posts by Amit Sengar
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