कर्ज में डूबे किसान ने मौत को लगाया गले, बोले कमलनाथ- शिव ‘राज’ में आत्महत्याएं जारी

माना जा रहा है कि कर्ज के बोझ तले दबे होने की वजह से किसान ने आत्महत्या का कदम उठाया है।

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भोपाल/दमोह, डेस्क रिपोर्ट। पिछले दिनों एक किसान (farmer) के आत्महत्या (suicide) पर एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamalnath) ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj singh chauhan) पर निशाना साधा है। दरअसल शुक्रवार को एक किसान ने अपने खेत में लगे आम के पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि बिजली नहीं मिलने से फांसी लगाकर खुदकुशी किए जाने की यह घटना बेहद दुखद है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सरकार में किसानों की आत्महत्या जारी है। इसके साथ साथ बिजली विभाग द्वारा किसान की केबल जब्त करने की भी जानकारी सामने आई है। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कहा कि किसान रूपलाल अहिरवार को उसके खराब फसल का मुआवजा भी नहीं मिला था। जिसके कारण वो अपने बढ़ते कर्ज से भी दुखी था।

बता दें कि फसल खराब और कर्ज के बोझ से दबे एक किसान रूपलाल अहिरवार ने शुक्रवार को अपने खेत में आम के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। किसान की मौत के बाद परिजनों ने दोपहर 2:00 बजे तक बस स्टैंड चौराहे पर शव को रख प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की थी। इसके बाद मौके पर पहुंचकर थाना प्रभारी ने किसान के परिजनों को जांच का आश्वासन दिया था।

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जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को कलेक्टर तरुण राठी धान खरीदी केंद्र पर निरीक्षण करने आए थे। उसी मामले में किसान रूपलाल अहिरवार के पत्नी के नाम के साथ क्रेडिट कार्ड पर 96 हजार का कर्ज था। जिसके बाद कोर्ट परिसर से उसे कोर्ट में पेश होने का नोटिस भेजा गया था। शनिवार को कोर्ट में पेशी से पूर्व शुक्रवार को किसान रूपलाल अहिरवार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

इस मामले में रूपलाल अहिरवार के बेटे राहुल अहिरवार का कहना है कि उनके पास ढाई एकड़ जमीन है। जिसमें सिर्फ 15 क्विंटल धान की उपज हुई थी। उसका भी कुछ बाकी था। वही बेटे राहुल अहिरवार ने आरोप लगाया है कि पानी के अभाव में फसल सूख गई थी और बिजली कनेक्शन न लेने पर बिजली विभाग के कर्मचारी पंप की लाइन भी काट कर चले गए थे। वही कर्ज के बोझ तले दबे किसान रूपलाल अहिरवार ने को सरकार से 5% ब्याज पर कर्ज लिया था और कर्ज लगभग 3 लाख रुपए तक पहुंच गया था। माना जा रहा है कि कर्ज के बोझ तले दबे होने की वजह से किसान ने आत्महत्या का कदम उठाया है।