MP News: गंगा जमना स्कूल में छात्राओं को हिजाब पहनाने के मामले को लेकर आज हाईकोर्ट में सुनवाई

mp high court

final decision on the candidature and eligibility of men in nursing college

MP News: मध्यप्रदेश के दमोह जिले में स्थित गंगा जमना स्कूल में छात्राओं को हिजाब पहनाने के मामले के आज हाईकोर्ट में सुनवाई होने वाली है। जांच के दौरान 11 बिंदुओं की कमी पाते हुए स्कूल की मान्यता निलंबित कर दी गई थी। जिसके बाद स्कूल प्रबंधन कमेटी ने स्कूल की मान्यता बहाली के लिए एमपी हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। जिसपर सोमवार को सुनवाई होने वाली है। बता दें कि अब तक शासन ने स्कूल की मान्यता रद्द करने के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर कोई फैसला नहीं लिया है।

मामले को लेकर शासन ने उठाया कदम 

हिजाब में छात्राओं के पोस्टर वायरल होने के बाद विवादों में घिरे गंगा जमना स्कूल पर मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था। स्कूल पर धर्मांतरण और इस्लामिक शिक्षा देने समेत और कई आरोप लगे थे। जिसपर सीएम ने सख्त एक्शन लिया था। वहीं गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी जांच के आदेश दिए थे और दमोह एसपी को कार्यवाही के लिए निर्देशित किया था। जांच के दौरान कई छात्राओं के बयान सामने आए, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन समिति पर ज्युबिनाइल जस्टिस के तहत आपराधिक मामला दर्ज हुआ।

इन लोगों की हुई थी गिरफ़्तारी

प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन, प्राचार्य और कुछ अन्य लोगों पर भी मामला दर्ज किया था। जिसके बाद प्राचार्य, चौकीदार और अन्य लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में घिरे बाकी सदस्य फरार हैं, जिनकी तलाश अब भी जारी है।

1200 छात्र-छत्राओं का भविष्य अंधकार में

बता दें कि गंगा जमना स्कूल में करीब 1200 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, जिनके भविष्य को लेकर अभिभावक भी चिंतित हैं। 1 जुलाई से नर्सरी से लेकर पाँचवीं तक का शिक्षण सत्र शुरू होने जा रहा है। वहीं 20 जून से कक्षा 6वीं के लिए शैक्षणिक सत्र आरंभ हो चुका है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews