अयोध्या से लौटीं डॉ सुधा मलैया ने बताई राम जन्म भूमि के लिए अभी तक हुए संघर्ष की कहानी

दमोह, गणेश अग्रवाल
दमोह में रहने वाली भारतीय जनता पार्टी के पूर्व महासचिव डॉ सुधा मलैया ने अयोध्या भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दमोह लौटते हुए पत्रकारों से मुलाकात कर राम जन्म भूमि के लिए अभी तक हुए संघर्ष के बारे में बताया| उन्होंने वर्तमान आंदोलन के पूर्व की लड़ाईओं के विषय में भी विस्तार से जानकारी दी| उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि के लिए भगवान राम की कृपा से उनको जो करने का मौका मिला, उसके लिए वे अपने आप को सौभाग्यशाली मानती हैं|

मध्य प्रदेश शासन के पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया की धर्मपत्नी एवं भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव रह चुके डॉ सुधा मलैया एक इतिहासकार हैं, और उन्होंने बाबरी विध्वंस के दौरान भगवान राम के मंदिर के अवशेष निकलने के समय एक इतिहासकार के रूप में अपनी भूमिका निभाई है. एक इतिहासकार के रूप में उन्होंने वहां से निकले शिलालेख को सभी के सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. विश्व हिंदू परिषद के कहने पर वे वहां पर गई थी. तथा उन्होंने वहां पर फोटोग्राफी की थी. जिसके आधार पर यह बात सामने आई थी. जो शिलालेख उस दौरान मिला था. वह भगवान श्री राम के मंदिर का ही शिलालेख था. वही डॉक्टर सुधा मलैया को अयोध्या मंदिर निर्माण के पूर्व हुए भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम के लिए अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था. वहां से लौटने के बाद उन्होंने अपने अनुभव शेयर किए|