आपदा को बनाया अवसर, रूचि सिंह ने हावर्ड यूनिवर्सिटी से किया बच्चों के अधिकारों पर डिप्लोमा कोर्स

भिंड, गणेश भारद्वाज। कोरोना एक वैश्विक आपदा है और इसके चलते पूरे विश्व में लॉक डाउन रहा, कई लोगों ने जान गंवाई तो कई लोगों ने रोजगार। कइयों के लिए कोरोना काल भयानक आपदा साबित हुआ। लेकिन कई लोगों ने आपदा में भी अवसर खोजा है और इस समय का समुचित उपयोग किया है। ऐसा ही किया है भिंड पुलिस अधीक्षक की पत्नी रुचि सिंह ने। जिन्होंने बच्चों के अधिकारों के ऊपर एक ऑनलाइन डिप्लोमा कोर्स बेहद ही कम समय में पूर्ण किया है।

दरअसल रुचि सिंह जबलपुर में स्कूल चलाती हैं और गरीब बेसहारा बच्चों के लिए भी कार्य करती हैं। बतौर रुचि सिंह स्कूल चलाने के दौरान कई बार बच्चों से बातचीत में सामने आया है कि कई बच्चे घर से तो कई आसपास के समाज से परेशान रहते हैं। ऐसे में वे समाज की मुख्यधारा से भटककर गलत रास्ते पर भी चल देते हैं। ऐसे बच्चों के अधिकारों की रक्षा किस प्रकार से की जा सके इसके लिए रुचि सिंह हमेशा प्रयास में रहती हैं। इसी के चलते जब कोरोना काल में स्कूल बंद हो गए तो रुचि सिंह ने बच्चों के अधिकारों की रक्षा किस प्रकार की जाए इसके लिए खोज शुरू की। तब उन्हें जानकारी मिली कि अमेरिका की हावर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा बच्चों के अधिकारों को लेकर एक ऑनलाइन कोर्स कराया जा रहा है। जिसके बाद उन्होंने इस कोर्स के लिए अप्लाई किया और इसे बेहद ही कम समय में पूरा कर लिया। जिसके लिए यूनिवर्सिटी द्वारा उन्हें सर्टिफिकेट भी दिया गया है।

बच्चों के अधिकारों को लेकर जो कोर्स रुचि सिंह ने किया है वह एक साल चलने वाला था, जिसमें एक साल के अंदर कभी भी 15 सप्ताह की पढ़ाई कर उसे पूर्ण किया जा सकता था। लेकिन उन्होने महज 7 सप्ताह में ही इस कोर्स को पूरा कर लिया। इस कोर्स में सिखाया गया है कि किस प्रकार से बच्चों के अधिकारों की रक्षा की जा सकती है। रूचि सिंह का कहना है कि इस कोर्स से उन्हें जो ज्ञान प्राप्त हुआ है, उससे वो बच्चों के लिए और सार्थक कार्य कर सकेंगी।

आपदा को बनाया अवसर, रूचि सिंह ने हावर्ड यूनिवर्सिटी से किया बच्चों के अधिकारों पर डिप्लोमा कोर्स