केन बेतवा लिंक परियोजना से बदलेगी बुंदेलखंड की तस्वीर और तकदीर : केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल

ज्ञातव्य है कि 2004 में केन बेतवा लिंक की योजना का प्रस्ताव आया था। केंद्र में उस समय एनडीए की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार थी।

दमोह, आशीष कुमार जैन। एमपी और यूपी के बीच एक अच्छी खबर हैं। अभी हाल ही में केंद्र की मोदी सरकार ने केन बेतवा लिंक परियोजना को मंजूरी दे दी हैं। बता दें कि बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए यह परियोजना किसी वरदान से कम नहीं है। क्योंकि यह क्षेत्र दशकों से सूखे का शिकार रहा है। लेकिन अब इस परियोजना के पूरा होने पर 62 लाख लोगों को पीने का पानी मिल सकेगा जबकि 10.62 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई हो सकेगी।

यह भी पढ़े…Recruitment 2021: युवाओं के लिए बड़ी खबर, इन पदों पर निकली भर्ती, जल्द करें आवेदन

ज्ञातव्य है कि 2004 में केन बेतवा लिंक की योजना का प्रस्ताव आया था। केंद्र में उस समय एनडीए की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार थी। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की मुलायम सिंह यादव सरकार थी जबकि मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार थी और बाबूलाल गौर मुख्यमंत्री थे। दोनों राज्यों में तब इस योजना को लेकर केंद्र सरकार की मध्यस्थता से सहमति बनी थी।

यह भी पढ़े…स्वच्छता के लिए शिवराज के मंत्री ने लिया ये संकल्प, लोगों से भी की अपील

क्या है केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना?

केन बेतवा लिंक परियोजना से बदलेगी बुंदेलखंड की तस्वीर और तकदीर : केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल

केंद्र यूपी और एमपी में बीजेपी की सरकार आने के बाद मध्य प्रदेश ने केन बेतवा लिंक परियोजना से उत्तर प्रदेश को पानी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके तहत मध्यप्रदेश यूपी के बुंदेलखंड क्षेत्र को 750MCM पानी देगा। परियोजना को 2005 में मंजूरी मिली थी। तभी से इस योजना से मिलने वाले पानी के लिए दोनों प्रदेशों के बीच विवाद था। 2021 में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता के बाद पानी के बंटवारे को लेकर गतिरोध खत्म हुआ है।

यह भी पढ़े…बीजेपी MLA को धरने पर बैठाने वाले कलेक्टर की विदाई, CM भी थे नाराज

दमोह से सांसद और केंद्रीय जनशक्ति राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि इस परियोजना से बुन्देलखण्ड की तस्वीर और तकदीर बदल जाएगी, और आगे उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का ड्रीम प्रोजेक्ट भी अब मूर्तरूप ले रहा हैं। साथ ही मंत्री पटेल ने इस परियोजना के पूरा होने के बाद किसानों की खुशहाली और समृद्धि की बात भी की।

परियोजना की खास बातें
>> 44,605 करोड़ रुपये की है परियोजना
>> 1062 लाख हैक्टेयर भूमि की होगी सिंचाई
>> 62 लाख किसानों को मिलेगा पानी
>> 103 मेगावाट जल ऊर्जा और 27 मेगावाट
>> सौर ऊर्जा का उत्पादन भी होगा
>> 8 साल में बनकर होगा तैयार

इन जिलों को मिलेगा लाभ
मध्य प्रदेश के पन्ना, टीकमगढ़, छत्तरपुर, सागर, दमोह, दतिया, विदिशा, शिवपुरी
उत्तर प्रदेश के बांदा, महोबा, झांसी व ललितपुर जिलों को लाभ मिलेगा