दतिया, सतेंद्र रावत। दतिया (Datia) के नगरीय क्षेत्र सेवड़ा (Sevada) में मंगलवार से प्रारंभ हुआ महाशिवरात्रि (Mahashivratri) मेला बुधवार की पूरी रात जारी रहा। नगर में दो सैकड़ा से अधिक दुकानें सजाई गई। जो कि लगातार दो दिन और रात में भी खुली रहीं। इस दौरान एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने सनकुआं में डुबकी लगाकर कांवर में पावन जल भरा। यह पहला अवसर था जब काफी संख्या में बच्चे और महिलाऐं भी कांवर भरने आईं। हाथ में लाठी और कंधे पर कांवर रखे यह शिवभक्त बमभोले की गूंज के साथ नगर का माहौल शिवमय किए रहे। यह गुरूवार को सुबह तक मेला जारी रहेगा। इसके अलावा आज प्राचीन एरारेश्वर महादेव मंदिर (Erareshwar Mahadev Temple) बलखंडेश्वर महादेव मंदिर (Balkhandeshwar Mahadev Temple) पर भी हजारों श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचेंगे। मोहल्ला बजरिया से भगवान शिव की बारात निकाली जाऐगी।

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सेंवढ़ा में स्थित सनकुआं के पावन जल को भरकर शिवरात्री के दौरान उससे भगवान शिव का जलाभिषेक करने की परंपरा है। इस जल को लोग प्रसाद के तौर पर वितरित करते है। और यही वजह है कि सेंवढ़ा में महाशिवरात्री के एक सप्ताह पूर्व से ही लोगों का आना प्रारंभ हो जाता है। सप्ताह भर पहले वही लोग आते है जो कि 300-400 किलोमीटर दूर से आते है। चुंकि कांवर सजाने के बाद उसे लेकर लगातार चलने की परंपरा है इसलिए टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर, शिवपुरी, उरई, झांसी आदि जिलों से आने वाले लोग 5-6 दिन पहले ही आ जाते है। इन्हें गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। जबकि समीपस्थ ग्रामों से आने वाले लोग दूरी के हिसाब से पर्व के ठीक पहले पहुंचते है। दूर -दराज से आए यह लोग सनकुआं के पावन जल से कांवर भर कर अपने इच्छित देवस्थल पर महाशिवरात्रि के दिन चढ़ाने के लिए निकल गए। नगर में विभिन्न प्रकार के साजो सामान तथा दान देने वाली बस्तुओं का बाजार चार-पांच दिन पहले ही सज कर तैयार हो चुका था। हालांकि कांवर भरने के लिए समीपस्थ 50 किलोमीटर से आने वाले लोगों की संख्या सर्वाधिक रहती है। बुधवार को कांवर में जल भरने के लिए सनकुआं पर विशाल जनसमुदाय उमड़ा। कांवर में जल भरने के साथ लोग उसको सजावट की उन वस्तुओं से सजाया जो दैनिक उपयोग में आती हैं। कांवर का जल भगवान शंकर पर चड़ाने के बाद उसके साथ लिया गया सामान गांव की कन्याओं तथा पूज्य लोगों को दान देने की परम्परा है। और यही वजह है कि कांवर भरने के साथ बाजार में दैनिक उपयोग के सामान सजावट की वस्तुओं की 100 से अधिक दुकानें लगाई गई।

एक लाख से अधिक श्रद्धालुजन पहुंचे
इस बार एक लाख से अधिक श्रद्धालु सेंवढ़ा पहुंचे। हर टोली में 10-15 कांवर लेकर लोग निकले। इनमें महिलाओं और बच्चों की संख्या भी सबसे अधिक रही। उनके द्वारा बाजार से बांस से बनी कांवर के अलावा जल ले जाने के लिए शीशी बोतल के साथ घुंघरू, बेंत, तस्वीर, रूमाल, साड़ी, तौलिया, चोटी, हार, श्रंगार का सामान आदि सजाया गया। दुल्हन की तरह सजी दुकानें, शिवभक्तों द्वारा भोले का गायन, घुंघरू की खनक धार्मिक उत्सव का अहसास करवा रही थीं।

जगह-जगह हुआ स्वागत
कांवर लेकर आए लोगों के स्वागत में हनुमान चैराहा पर विशेष भंडारे का आयोजन किया गया। मोहल्ले के लोगों ने आपसी सहयोग से 24 घंटे तक बाजार से गुजरने वाले लोगों को रोक रोक कर भोजन कराया। इसके अलावा बसस्टैंड, बेरछा रोड, सदर बाजार में भी जल पाल की व्यवस्था की गई। रंगबिरंगी रोशनी से झिलमिलाता बाजार बमभोले की गूंज से माहौल को भक्तिमय कर रहा है। बाजार में यह रौनक इसलिए अधिक है क्योंकि दुुकानों के साथ कई लोगों ने फुटपाथ पर भी सामान रखा हुआ है। बड़ी संख्या में मौजूद शिवभक्तों के स्वागत के लिए नगर के हिंदू मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग अनेक प्रबंध किए।

आज निकलेगी शिव बारात
नगर में स्थित बजरिया मोहल्ला में शिवरात्री पर विशेष उत्सव मनाया गया। इस दौरान शिवविवाह की पूरी रस्मों का निर्वहन हुआ। गुरूवार यानि आज महादेव मंदिर बजरिया मोहल्ले से शिव बारात निकाली जाएगी। इसमें भगवान शिव एवं उनके गंणों की झांकी दर्शनीय रहेगी। शिव बारात अमरेश्वर महादेव मंदिर से बाजार में होती हुई गायत्री मंदिर तक जाऐगी। इसके अलावा नगर के ऐरारेश्वर महादेव मंदिर एवं बलखंडेश्वर महादेव के प्राचीन मंदिर पर कांवर चढ़ाने तथा दर्शन करने के लिए हजारों लोग पहुंचेंगे। बलखंडेश्वर महादेव मंदिर 120 सीढ़ियों के ऊपर पहाड़ी पर बना हुआ है। ऐसे में आमदिनों में यहां कम संख्या में लोग पहुंचते हैं पर महाशिवरात्रि को नगर का हर व्यक्ति इस मंदिर पर पहुंचकर भगवान के दर्शन करता है। इसके अलावा जंगल में स्थित ऐरारेश्वर महादेव मंदिर जो कि नगरीय सीमा से 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है उसको लेकर भी क्षेत्र में काफी आस्था है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां मेला आयोजित होने की परंपरा भी कई दशक पुरानी है।

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