बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए सेवढ़ा पुल के पुनः निर्माण को लेकर जनता के साथ ही विधायक भी उतरे सड़क पर

क्षेत्रीय विधायक घनश्याम सिंह ने यात्रा निकाल कर, एस डी एम को दिया ज्ञापन

सेवढ़ा,राहुल ठाकुर। एक वर्ष गुजरने के बाद जब सरकार पुनः पुल के निर्माण को लेकर सरकार नही जागी तो सेवढ़ा (Seondha)  व्यापारी वर्ग, सत्तापक्ष के ज्ञापन के बाद अब विधायक घनश्याम सिंह (MLA Ghanshyam Singh) ने आस-पास के क्षेत्रों से किसानों और व्यापारी वर्ग को एक जुट कर विशाल धरना प्रदर्शन सोमवार को संकुआ धाम से प्रारम्भ किया गया, जिसमें कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता गाँव-गाँव से आकर विशाल धरना व जंगी प्रदर्शन के लिए संकुआ धाम पर एकत्रित हुए। रैली में सैकड़ो की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान व युवा मौजूद रहा और शिवराज सरकार के खिलाफ लामबंद नजर आए। वहीं व्यापारियों ने भी एक सप्ताह में दूसरी बार बाजार बंद रखकर धरना प्रदर्शन का समर्थन किया।

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बता दें कि रैली का संकुआ धाम से प्रारंभ होकर सदर बाजार होते हुए बस स्टैंड स्थित धरना पर पहुँची जहाँ पर पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती, कौशल यादव, उषा नाहर, जयविन्द सिंह परिहार, जितेंद्र पठारी मौजूद रहे। तीन घण्टे चले इस प्रदर्शन में जमकर सत्ता पक्ष के नेताओ पर तीखे प्रहार किए गए वहीं घनश्याम सिंह ने आड़े हाथ लेते हुए सेवढा नगर के विकराल मुद्दे को लेकर भारी जन समुदाय को लेकर तहसील परिसर की ओर रवाना हुए। जहाँ पर महामहिम राज्यपाल के नाम एस डी एम अनुराग निंगवाल को एक ज्ञापन सेवढा विधायक घनश्याम सिंह ने दिया। ज्ञापन में उल्लेख किया कि मध्य प्रदेश के संवैधानिक संरक्षक हैं जब मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार जनहित के मुद्दों की ओर से मुँह मोड़ ले तो आपका ध्यान इन जनहित के लिए आवश्यक मुद्दों की ओर आकर्षित करवाना आवश्यक हो जाता है विगत 1 वर्ष के दतिया जिले के सेवड़ा विधानसभा के जीवनरेखा कहे जाने वाला पुल पूर्णत: टूटा पड़ा हैं और शासन प्रशासन का इस और कोई ध्यान नहीं है।

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ज्ञातव्य है कि अगस्त 2021 में सिंध नदी में सिंचाई विभाग के अफसरों की मानवीय भूल के कारण आई भीषण बाढ़ से सेवढ़ा विधानसभा के जीवनरेखा कहे जाने वाले सेवढ़ा नगर का सिंध नदी का बना पुल, माता रतनगढ़ के पास सिंध नदी का पुल एवं ग्राम लांच पर सिंध नदी का पुल नष्ट हो गया हैं इस संबंध में कई बार लिखित एवं व्यक्तिगत रूप से माननीय मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री गोपाल भार्गव से क्षेत्रीय विधायक एवं उनके साथ गए प्रतिनिधिमंडल ने पुल के निर्माण की मांग की गई। मगर इस संबंध में मध्यप्रदेश विधानसभा के पटल पर भी मुद्दा रखा गया लेकिन गूंगी, बहरी सरकार को जनहित के मुद्दों को सुनने की फुर्सत नहीं है। भाजपा सरकार की संवेदनशीलता इसी बात से परिलक्षित होती है कि आज दिनांक तक शासन प्रशासन के द्वारा इन महत्वपूर्ण पुलों के निर्माण हेतु कोई कार्यवाही प्रचलित नहीं की है, सिंध नदी के उक्त तीनों पुलों का निर्माण न होने से अकेले सेवढ़ा क्षेत्र ही नहीं बल्कि सेवढ़ा के 100 मीटर के आसपास का जनजीवन अस्त व्यस्त है, इन महत्वपूर्ण पुलों से जिसमें अम्बाह भोपाल स्टेट हाईवे पर सेवढ़ा नगर का पुल भी शामिल है।

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पुल न होने से दतिया भिंड मुरैना ग्वालियर जालौन झांसी सहित कई जिलों से आने वाले हजारों व्यक्तियों का आवागमन प्रभावित हो रहा है, वहीं प्रतिवर्ष दीपावली की भाई दूज पर विश्व प्रसिद्ध माता रतनगढ़ मंदिर पर लाखों श्रद्धालु एकत्रित होते हैं लेकिन धर्म का ढोंग करने वाली भाजपा सरकार माता रतनगढ़ पुल निर्माण पर कोई ध्यान नहीं दे रही है, सेवढ़ा नगर में व्यापार लगभग खत्म होने की कगार पर है, सरकार एवं प्रशासन की संवेदनशीलता के कारण संपूर्ण क्षेत्र ममहंगाई की मार झेल रहा है, एवं व्यापारी पलायन करने को मजबूर हैं, सेवढ़ा नगर की डोर को लगभग 100 वर्ष पूर्व राजशाही काल में सिंगल वे पुल थामे हुए हैं लेकिन बरसात में डैम से अधिक पानी छोड़ देने पर यह भी डूब जाता है जिस कारण नगर के लोग दूध सब्जी जैसी वस्तुओं के लिए भी तरस जाते हैं सरकार की कुंभकरण की नींद इस बात से जाहिर होती है कि विगत 1 वर्षों से सेवड़ा नगर में ग्वालियर भिंड दिल्ली से आने बसें बंद हो चुकी हैं सरकार को आमोद प्रमोद के कार्यक्रमों से ध्यान हटा कर आम जन के जीवन से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उक्त पुलों के निर्माण हेतु सरकार को अति शीघ्र निर्देश प्रदान करने की अपील की अन्यथा की स्थिति में कांग्रेश जन आमजन के साथ आंदोलन करने पर मजबूर होगी जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। जनता और कांग्रेस पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता सत्ता पक्ष में सो रहे नेताओ की नींद हराम कर देगी। इस मौके पर मुख्य रूप से मुमताज खान, जितेंद्र यादव, जयेंद्र सिंह सेंगर, मीरेंद्र जाट पचेरा सहित हजारों की संख्या में किसान और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।

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क्षेत्र में जुआ, सट्टा, शराब ब रेत के अवैध खनन पर दिया ज्ञापन
सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र में हो रहे अवैध रेत उत्खनन भारी बिजली कटौती मनमानी बिलों की वसूली गुणवत्ता विहीन सड़कों के निर्माण एवं राजस्व विभाग में किए जा रहे भारी भ्रष्टाचार को लेकर क्षेत्रीय विधायक घनश्याम सिंह ने एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम एस डी एम अनुराग निंगवाल को ज्ञापन दिया जिस में उल्लेख किया गया है कि दतिया जिले के सेवढ़ा अनुभाग में प्रशासन की मिलीभगत एवं रेत ठेकेदार के पी सिंह भदोरिया के मनमानी रवैया के कारण अवैध रेत उत्खनन का अड्डा बना हुआ है, एनजीटी के निर्देशानुसार 4 माह बरसात में रेत उत्खनन प्रतिबंधित रहता है लेकिन रेत ठेकेदार धड़ल्ले से एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ा कर रेत खनन कर रहे हैं सेवढ़ा अनुभाग के ग्राम कंजौली से 100 डम्फर प्रतिदिन रेत से भरे जा रहे हैं जबकि कंजौली में कोई रेत खदान घोषित नहीं है ठेकेदार की मनमानी के चलते कंजौली से रेत निकालकर बेरछा खदान की रसीद दी जा रही है जो सरेआम लूट है कुछ अधिकारियों ने कंजौली रेत खदान पर कार्यवाही कर अवैध खनन बंद कराया लेकिन महज 24 घंटे में ही फिर से अवैध उत्खनन प्रारंभ हो गया जो निरंतर चल रहा है।

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अवैध उत्खनन में लगे हैवी लोडेड वाहन सड़कों को नष्ट कर रहे हैं रेत ठेकेदार के पी सिंह भदोरिया के भारी-भरकम ओवरलोडेड वाहनों से सेवढ़ा विधानसभा की अति महत्वपूर्ण पीडब्ल्यूडी की सड़क नीमडांडा से किटाना को पूर्णता नष्ट कर दिया है, जिले में गुणवत्ता विहीन सड़कों का निर्माण किया जा रहा है सेवढ़ा क्षेत्र की 3 माह पूर्व ही बनी पीडब्ल्यूडी की सड़क भरौली से स्यावरी उखड़ने लगी है जिले में सबसे बुरा हाल राजस्व विभाग के अधिकारियों का है सेवढ़ा विधानसभा की दोनों तहसीलों सेवढ़ा व इंदरगढ़ लूट के अड्डे बन गए बने हुए हैं इंदरगढ़ तहसील में तो अधिकारियों के फैसले भाजपा नेता एवं उनके दलाल कर रहे हैं हर विभाग में दलाल जनता को लूटने का कार्य कर रहे हैं।

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लोगों के नामांतरण बंटवारा, पारिवारिक बंटवारे की मांग जैसे छोटे मोटे कार्यों के लिए भी मोटी रकम दलालों के माध्यम से अधिकारियों को प्रदान की जा रही है लोगों के राजस्व अभिलेखों में कंप्यूटर ऑपरेटरों द्वारा जानबूझकर त्रुटि की जा रही है जिससे अनावश्यक ही लोगों को सुधार की लंबी राजस्व प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है राजस्व अभिलेख में कई भूमि स्वामियों के नाम एवं खसरा क्रमांक छोड़ दिए गए हैं जिसका सुधार कलेक्टर की आईडी से किया जाना है लेकिन कलेक्टर की संवेदनशीलता के कारण जिले में एक भी प्रकरण का सुधार नहीं किया गया और न ही कोई प्रतिबंध किया गया।

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कलेक्टर के संरक्षण में राजस्व विभाग के अधिकारी अपनी विभाग के कार्यों में रुचि न लेकर सत्ता पक्ष के नेताओं को खुश करने के उद्देश्य से जिले में फर्जी एवं कागजी अभियानों एवं सत्तापक्ष ने नेताओं के निजी कार्यक्रमों में लगे रहते हैं जबकि आम जनता अपने मूलभूत अधिकारों के लिए तरस रही है रजिस्टर ऑफिस में भ्रष्टाचार चरम पर है रजिस्ट्री पर भ्रष्टाचार कर वसूली की जा रही है जिले में नशे का कारोबार पुलिस एवं सत्ता पक्ष के नेताओं की सरपरस्ती से धड़ल्ले से चल रहा है अवैध शराब के साथ-साथ गांजा, सट्टा जैसे मादक पदार्थों की चपेट में युवा पीढ़ी आ चुकी है हास्यप्रद बात भी है कि नशा का कारोबार बढ़ रहा है और जिले के अधिकारी फर्जी अभियान ऑनलाइन ऐप के माध्यम से चला कर भारत सरकार से पुरस्कार ले रहे हैं।