कांग्रेस विधायक ने क्षेत्रवासियों को दी बड़ी सौगात

दतिया। सत्येंद्र रावत ।
सेंवढ़ा विधायक घनश्याम सिंह के सक्रिय प्रयासों से सेंवढ़ा नगर वासियों को एक और बड़ी सौगात मिली हैं। सेंवढ़ा नगर के लिए 23 करोड़ रुपए की लागत से जलावर्धन योजना को शासन ने स्वीकृत कर टेंडर प्रक्रिया जारी कर दी है। फरवरी अंत तक टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होगी और मार्च 20 से जलावर्धन योजना का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। जलावर्धन योजना का कार्य पूर्ण होने से सेंवढ़ा नगर की पेयजल समस्या का स्थाई निराकरण होगा।

मालूम हो कि कुछ वर्षो से लंबित पड़ी सेवढ़ा नगर की जलावर्धन योजना को शुरू करने में वल्ड बैंक की टीम ने ओवजेक्शन लगाए थे। जिससे नगर की जलावर्धन योजना ठंडे बस्ते में पड़ी थी। विधायक निर्वाचित होने के बाद विधायक घनश्याम सिंह ने इस कार्य को अपनी प्राथमिकता सूची में लिया। जलावर्धन योजना की तकनीकी स्वीकृति में वर्ल्ड बैंक के अधिकारियों द्वारा लगाए गए ओवजेक्शनों को शार्ट आउट कराने पिछले महीने सेवढा विधायक घनश्याम सिंह ने नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री जयवर्धन सिंह से मुलाकात की थी। मंत्री जयवर्धन सिंह ने सेंवढ़ा नगर की जलावर्धन योजना की स्वीकृति में आ रही बाधाओं के निराकरण के लिए ततपरता दिखाते हुए दूसरे दिन ही नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं वर्ल्ड बैंक के अधिकारियों के साथ विधायक घनश्याम सिंह की उपस्थिति में वैठक आहूत की थी। बैठक में वर्ल्ड बैंक के अधिकारियों द्वारा सेंवढ़ा नगर की जलावर्धन योजना की स्वीकृति में रहे अवरोधों को उल्लेखित किया, जिन्हें विधायक घनश्याम सिंह के द्वारा हल करा देने का आश्वासन दिया था। इसके बाद नगरीय प्रशासन विभाग की टीम सक्रिय हुई। कुछ दिन पहले नगरीय प्रशासन विभाग की टीम ने सेंवढ़ा नगर का दौरा कर जलावर्धन योजना की डीपीआर तैयार की इसके बाद टेंडर जारी कर दिए गए।

जलावर्धन योजना में यह हैं खास-
1- सिंध नदी पर सनकुआँ पर दोनों पुलों के बीच स्टॉप डेम बनेगा। यहां से पानी लिफ्ट कर फिल्टर प्लांट पर लाया जाएगा।
2 -राज राजेश्वरी मन्दिर के पास फिल्टर प्लांट बनाया जाएगा।
3 -दो नवीन टँकीया बनेगी।
4- पूर्व से अंगद सरकार मन्दिर के पास बनी पानी की टँकी का जीर्णोद्धार होगा।
5 -पूरे नगर में पेयजल वितरण के लिए नवीन पाइप लाइनें डाली जाएगी।
6- सनकुआँ से 2 किमी पहले नगर के सायनी मोहल्ला से नदी में मिलने वाले नाले के पानी के ट्रीटमेंट के लिए 80 लाख रुपए की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा, जिसमें नाले के पानी का ट्रीटमेंट कर नदी में छोड़ा जाएगा।

पहली बार होगा ऐसा-
जलावर्धन योजना की पाइप लाइन डाले जाने के कारण जहां भी शासकीय जगह पर खड़े होकर व्यवसाय करने वाले ढेले वाले,फेरी वाले डलिया वालों को जितने दिनों तक उनका व्यवसाय प्रभावित होगा उन्हें प्रतिदिन 300 रुपए के हिसाब से मुआबजा दिया जाएगा। इसके लिए डेढ़ करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।