जहरीले केमिकल पर गुड की मिठास भरी

दतिया।सत्येंद्र रावत।
सावधान यदि आप शर्दियों में गुड़ खाने के शौकीन है तो सावधान हो जाइए गुड बनाने में जहर safolite नाम का केमिकल मिलाकर बनाया जा रहा है जिससे गुड का कलर साफ तो दिखाई देता है लेकिन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध हो रहा है…। जिससे शरीर में अल्सर व पेट की गंभीर बीमारियों की जकड़ में इंसान आ जाता है..। जहां एक ओर कमलनाथ सरकार शुद्ध पर युद्ध अभियान चला रही है और मिलावट खोर ऊपर कार्रवाई भी कर रही है.। वहीं उत्तर प्रदेश से भारी संख्या में आए व्यपारियो नें ग्वालियर दतिया शिवपुरी जिले में गुड़ की फैक्ट्रियां खोल रखी है जो खुलेआम गुड में सैफोलाईट जहर मिलाकर बना कर बेच रहे हैं..।

दरअसल हमारी टीम जब गुड़ बनाने वाले क्रेशर पर पहुंची तो वहां पर अजीब तरह से गुड बनाने का कार्य संचालित किया जा रहा था गन्ने से निकले रस को भाटिया पर तपती कढ़ाई में जब रस से गुड बनाया जाता है तो उसे साफ करने के लिए जंगली भिंडी के जूस का उपयोग करते तो बहुत देखा है लेकिन बाजार में बिकने वाला जहर सेफोलाईट नाम का केमिकल खुलेआम गुड बनाने में उपयोग किया जा रहा है जो स्वास्थ्य के लिए सबसे ज्यादा हानिकारक है…। जिससे गुड़ का कलर काले से सफेद हो जाता है वह गुण आज बाजार में धड़ल्ले से बिक रहा है जो स्वास्थ्य के लिए सबसे ज्यादा हानिकारक सिद्ध हो रहा है…। और सेफोलाइट केमिकल मिला गुड खाने से शरीर में अल्सर एवं पेट की गंभीर बीमारियां जन्म ले रही हैं ..। जबकि जिस गुड़ का उपयोग खाने में किया जाए उस गुण में ऐसा खतरनाक केमिकल नहीं मिलाया जा सकता लेकिन स्वास्थ्य विभाग एवं फूड विभाग की लापरवाही व अनदेखी का नतीजा का खामियाजा गुड खाने बालो को भुगतना पड रहा है..। गुड व्यापारी धड़ल्ले से दिनदहाड़े खुलेआम गुड़ क्रेशरों पर सैफोलाईट नाम का केमिकल मिलाकर इंसानों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है और वह धड़ल्ले दतिया से इंदरगढ़ के बीच नेशनल हाईवे 75 पर 2 सैकड़ा से अधिक दुकानों गुड़ की दुकानें सजी हुई है जो इस रूट से निकलने वाले राहगीर इस गुड को खरीद कर अपने घर देसी मिठाई समझकर ले जाते हैं उन्हें क्या पता की तो एक केमीकल मिला हुआ गुड है..। जो शरीर के लिये घातक जहर है..।