सेवढ़ा : एसडीएम के रोको ठोको अभियान पर विधायक ने लिया संज्ञान, अधिकारियों को कराया अवगत

सेवढ़ा विधायक कुंवर घनश्याम सिंह (MLA Kunwar Ghanshyam Singh) ने कोरोना कर्फ्यू के दौरान पुलिस द्वारा जनता के साथ अमानवीय व्यवहार पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिले के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया है।

सेवढ़ा, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण (Covid-19) की रोकथाम के लिए सरकार और प्रशासन द्वारा लगातार कार्य किए जा रहे हैं। जहां प्रदेश भर के जिलों में लगे कोरोना कर्फ्यू के दौरान रोको-टोको अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान पुलिस द्वारा मास्क बांटकर लोगो को समझाइश दी जा रही है तो कहीं पुलिस हाथ जोड़कर लोगों से घर में रहने की अपील कर रही है। वहीं दतिया जिले के सेवढ़ा में इन सबके परे पुलिस बिना कारण पूछे ही लोगों पर डंडे बरसा रही है। इतना ही नहीं कान पकड़कर उठक बैठक लगवाकर वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। जिस पर संज्ञान लेकर सेवढ़ा विधायक कुंवर घनश्याम सिंह ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिले के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया है। साथ ही सेवढ़ा के वरिष्ठ समाज सेवी गजेंद्र पांडेय ने इस तरह लोगों को बेवजह परेशान करने वाले दोषी अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

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गजेंद्र पांडेय ने कहा कि सेवढ़ा एसडीएम अनुराग निंगवाल द्वारा रोको टोको अभियान के साथ-साथ इतना ध्यान स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर दिया जाए तो ज्यादा बेहतर होगा। रोको टोको अभियान के बहाने एसडीएम सेवढ़ा की छत्रछाया में तहसील में निर्वाचन कार्य में अटैच अध्यापक आदित्य शर्मा द्वारा ईर्ष्या द्वेष के चलते सेवढ़ा की जनता से और नगर से निकलने वाले निर्दोष राहगीरों के साथ अमानवीय, बर्बरता पूर्ण व्यवहार किया जा रहा है।

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गजेंद्र पांडेय ने कहा कि पुलिस द्वारा डंडे लगवाना, आवश्यक कार्य से जा रहे बाइक सवार को रोककर बाइक की हवा निकलवाना, मुर्गा बनाना, अपमानित करने के उद्देश्य से कान पकड़ कर उठक बैठक लगवाते हुए वीडियो और अभद्र भाषा के साथ पीड़ितों के नाम पिता के नाम के साथ खबर को स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप व सोशल मीडिया पर डाला जा रहा है, वीडियो वायरल करने से ऐसा लगता है कि विगत कई वर्षों से तहसील के निर्वाचन कार्य में अटैच अध्यापक निर्वाचन कार्य में अटैच न करके शासकीय पत्रकार के रूप में अटैच किया गया है। इसकी भी जांच की जाए और संबंधित घटनाओं में लिप्त अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो सके।