शहर में संविधान बचाओ रैली निकाल कर किया CAA का विरोध

दतिया। सत्येन्द्र रावत।

आजाद हिंदुस्तान में 21वीं सदी में दूसरी बार बनी भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार द्वारा जब से नागरिकता संशोधन कानून बनाया गया है, तब से पूरे देश भर में सीएए और एनआरसी को लेकर बवाल मचा हुआ है और पूरे देश भर में चौतरफा विरोध देखने को मिल रहा है। इसके अलावा भी इस बिल के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस द्वारा समर्थन रेलिया निकालकर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। उसके बाद भी नागरिकता संशोधन बिल का विरोध अपनी चरम सीमा पर है। दतिया शहर में भी नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में मुस्लिम आवाम एसोसिएशन के तत्वाधान में एक विशाल संविधान बचाओ रैली के माध्यम से नागरिकता संशोधन बिल का जबरदस्त विरोध किया गया। शुक्रवार के दिन मुस्लिम आवाम एसोसिएशन के तत्वाधान में स्थानीय लाला के तालाब मस्जिद से तमाम मुस्लिम समुदाय के अलावा दलित वर्ग, भीम आर्मी, महिला एवं पुरुष वर्ग हजारों की संख्या में शामिल हुये ओर केंद्र सरकार के विरोध में संविधान बचाओ रैली निकाली गई। रैली लाला के तालाब मस्जिद से प्रारंभ होकर तलैया मोहल्ला, टाउनहाल, बड़ा बाजार, टिगेलिया, बिहारी जी मार्ग, किला चौक होते हुये बग्गी खाने में समाप्त हुई। रैली के माध्यम से मुस्लिम, दलित आदि वर्गों के लोगों ने शिरकत कर भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नागरिकता संशोधन बिल कानून के विरोध में नारेबाजी की विरोध प्रदर्शन किया और इस बिल को काला कानून बताया है। रैली के समापन पश्चात संविधान बचाओ रैली का नेतृत्व कर रहे मुस्लिम समाज के वरिष्ठ अल्पसंख्यक नेता एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता फरमान अली जैदी उर्फ चांद भाई ने मीडिया से चर्चा करते हुए भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य देश की जनता से नागरिकता प्रमाण मांगने से पहले अपनी नागरिकता का समस्त प्रमाण जनता के सामने रखे। उसके बाद हमसे प्रमाण मांगे। क्योंकि घुसपैठियों द्वारा बनाया गया यह काला कानून लागू नहीं किया जा सकता। फरमान अली जैदी ने आगे कहा कि इस देश की आजादी में हमारे बुजुर्गों ने लड़ाई लड़ी है और जो संविधान बनाकर इस काले कानून को हम पर थोप रहे हैं उन्होंने हमेशा से अंग्रेजो के तलवे चाटे हैं और उनकी इस देश की आजादी में कोई योगदान नहीं रहा है। जब भी इस देश में कोई भी कानून या संविधान लागू किया जाता है तो विरोधी पक्ष को ध्यान में रखकर किया जाता है और केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया कानून का विरोध करने का अधिकार विरोधी पक्ष को संवैधानिक अधिकार है और इस देश में करोड़ों लोग सीएए और एन आर सी का विरोध कर रहे हैं तो क्या अब केंद्र में बैठी भारतीय जनता पार्टी सरकार और RSS हमे राष्ट्रवादी होने का प्रमाण हमें देगी। फरमान अली जैदी ने आर एस एस और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की आजादी के बाद से भाजपा और आरएसएस का हमेशा से यही प्लान रहा है कि अंग्रेजों की तरह फूट डालो और राजनीति करो। इन्होंने हिंदू मुस्लिम, मंदिर मस्जिद को मुद्दा बनाकर हमेशा से राजनीति की है और अब अयोध्या मसला भी सुलझ गया है और इस देश की जनता ने इस निर्णय को स्वागत करते हुए स्वीकार भी किया है। इसके बाद भाजपा के पास में इस प्रकार का कोई भी बड़ा मुद्दा नहीं बचा था, जिसके पश्चात भाजपा की राजनीति नहीं हो पा रही थी। अपनी राजनीतिक जीवन रेखा को बचाने के लिए भाजपा ने नागरिकता संशोधन कानून को सीएए एनआरसी,एनपीआर के माध्यम से अयोध्या मसला जैसा मुद्दा जनता के बीच पैदा कर दिया है। इस पर राजनीति कर रही है और यह राजनीति देश, समाज, और हिंदू मुस्लिमों के बीच खाई पैदा कर एकता को तोड़ने वाली राजनीति है। संविधान बचाओ रैली में फरमान अली जैदी के साथ-साथ, दलित वर्ग के कई बड़े नेता, मुस्लिम समुदाय के बड़े नेता आदि संख्या में हजारो लोगो के साथ शामिल हुए।