अटल जयंती: MP के इस CM से थी अटलजी की नजदीकियां, जिद्द के चलते आना पड़ा छोटे से गाँव

कैलाश जी की जिद्द के चलते अटलजी अपने जन्मदीन के करीब सप्ताह भर पूर्व 18 दिसंबर 1985 को भमोरी आएं और भवन का लोकार्पण किया।

भोपाल/देवास, सोमेश उपाध्याय। आज पूरा देश भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटलबिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) जी की अटल जयंती (Atal jayanti) मना रहा है।मध्यप्रदेश (Madhya pradesh) की धरती पर जन्मे अटलजी का यू तो सबसे ही लगाव रहा, परन्तु जनसंघ के नेता और प्रदेश में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री स्व.केलाश जोशी (kailash joshi) से उनकी बेहद नज़दीकीया रही। यही कारण था कि वे देवास के बागली क्षेत्र में तीन बार आए। जोशी जी के साथ वे आदिवासी क्षेत्रों का भृमण करते थे। जमीन पर बैठ कर कार्यर्ताओं के साथ भोजन करते थे।

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पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने बताया कि स्व.पिताजी अटलजी के ग्रुप के मुख्य व्यक्ति थे। चाहे सरकार सकलेचा जी की रही हो या पटवा जी की, अटल जी यदि कोई भी पत्र भेजते तो पिताजी के ही नाम भेजते। उनसे कहते कि जोशी जी यह पत्र भेजा जा रहा है, इस पर कार्‌रवाई करें। बागली में एक बार भमोरी दूध संस्था के भवन का लोकार्पण होना था।

काँग्रेसियो ने भाजपा कार्यर्ताओं से कहने लगें की अब लोकार्पण के लिए अटलजी आएंगे क्या..?उसके बाद कार्यकर्ताओं ने स्व.जोशी को यह बात बताई और अटलजी को बुलाने का आग्रह किया। तब कैलाश जी की जिद्द के चलते अटलजी अपने जन्मदीन के करीब सप्ताह भर पूर्व 18 दिसंबर 1985 को भमोरी आएं और भवन का लोकार्पण किया।

अटल जयंती: MP के इस CM से थी अटलजी की नजदीकियां, जिद्द के चलते आना पड़ा छोटे से गाँव अटल जयंती: MP के इस CM से थी अटलजी की नजदीकियां, जिद्द के चलते आना पड़ा छोटे से गाँव अटल जयंती: MP के इस CM से थी अटलजी की नजदीकियां, जिद्द के चलते आना पड़ा छोटे से गाँव