किसान के फर्जी हस्ताक्षर कर निकाले पैसे, बैंक कर्मचारी बर्खास्त

देवास, सोमेश उपाध्याय। देवास जिले के कांटाफोड़ में किसान के साथ धोखाधड़ी करना बैंक कर्मचारियों को भारी पड़ गया। कलेक्टर के निर्देशन में गठित स्टाफ समिति ने कर्मचारी को बर्खास्त किया व अन्य पर भी कठोर कार्रवाई की गई।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित देवास के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि सहकारी बैंक के कर्मचारी द्वारा किसान से धोखाधड़ी करने के मामले में कार्रवाई हुई है। उन्होंने बताया कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा कांटाफोड़ की सेवा सहकारी समिति लोहारदा में किसान गब्बूलाल पिता बोंदर के फर्जी हस्ताक्षर से 15 हजार रुपए निकालने में बैंक शाखा कांटाफोड़ के कर्मचारी कृष्णकांत श्रीवास्तव को जॉच में दोषी पाया गया। आरोपी कर्मचारी द्वारा किसान के नमूना हस्ताक्षर एवं विड्राल पर किसान के हस्ताक्षर में भिन्नता पाई गई। हस्ताक्षर विशेषज्ञ की जॉच रिपोर्ट में भी हस्ताक्षर भिन्न-भिन्न पाये गये। उन्होंने बताया कि बैंक मुख्यालय द्वारा कराई गई विभागीय जॉच में दोष सिद्ध पाये जाने पर बैंक कर्मचारी सेवानियमों में वर्णित प्रावधान अनुसार कलेक्टर चन्द्रमौली शुक्ला की अध्यक्षता में गठित स्टॉफ समिति की बैठक दिनांक 24 दिसम्बर 2020 में सेवा समाप्ति के दंड से दंडित किया गया है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित देवास ने बताया कि उपरोक्त किसान को किये गये भुगतान में श्याम मुरारी दुबे, प्रभारी पर्यवेक्षक/समिति प्रबंधक एवं मोहनलाल चौबे, लिपिक को भी लापरवाही बरतने तथा अपने कर्तव्यों का ठीक से निर्वहन न करने पर दोषी पाया गया, जिस हेतु दोनों कर्मचारी की एक-एक वेतनवृद्धि रोकी गई। शिकायतकर्ता गब्बूलाल द्वारा दिनांक 11 दिसम्बर 2020 को आवेदन एवं शपथ पत्र प्रस्तुत कर शिकायत स्वेच्छा से वापस ली थी, किन्तु स्टॉफ समिति ने दस्तावेजी साक्ष्य एवं हस्ताक्षर विशेषज्ञ की रिपोर्ट के आधार पर कृष्णकांत श्रीवास्तव, लिपिक को सेवा समाप्त करने एवं श्री श्याम मूरारी दुबे, समिति प्रबंधक, श्री मोहनलाल चौबे, लिपिक की एक-एक वेतनवृद्धि रोकी जाने के दंड से दंडित किया गया।

कलेक्टर चन्द्रमौली शुक्ला ने निर्देश दिए कि किसानों के ऋण वितरण, भुगतान में पूर्ण पारदर्शिता बरती जावें, रूपे क्रेडिट कार्ड, डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दिया जाए। किसान के मोबाईल पर एस.एम.एस. से सूचना देने की व्यवस्था की जावें तथा किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाले कर्मचारियों के विरूद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जावेगी। स्टॉफ समिति ने श्रीमती लता अवास्या को शाखा प्रबंधक के निर्देश पालन न करने पर दंडित किया गया।