इंसानियत की मिसाल, रोजे में करवाया हिंदू बुजुर्ग का विधि विधान से अंतिम संस्कार

देवास, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना संकटकाल में जहां तबाही और दर्द के मंजर है, उसी बीच इंसानियत की भी कई मिसालें सामने आ रही है। देवास में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला जब एक परिवार पर मुसीबत टूटी तो लोगों ने धर्म, मजहब से ऊपर उठकर उनका साथ दिया। यहां एक रोजेदार पत्रकार ने कोरोना से जान गंवा चुके हिंदू बुजुर्ग का अंतिम संस्कार करवाया।

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दरअसल, 68 वर्षीय सुखदेव पाटीदार का रविवार देर शाम को निधन हो गया। पत्नी और छोटी बेटी के सामने उन्होंने देखते ही देखते दम तोड़ दिया। उनके घर में पत्नी और दो बेटियां ही है और मदद करने वाला कोई नहीं था। कोरोना के खौफ के मारे पड़ोसी घरों में दुबके हुए थे। इस बीच पत्रकार शकील भाई के पास परिवार के दामाद सोनाक्ष पाटीदार का मंदसौर से फोन पहुंचा कि उनसे ससुर के अंतिम संस्कार की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। खबर लगते ही शकील भाई सहित अन्य पत्रकार सक्रिय हुए। उनके साथ सांसद महेंद्र सिंह भी पाटीदार निवासपहुंच गए थे। उन सबके प्रयास स शव को जिला अस्पताल भिजवाया गया और घर को सेनेटाइज करवाया गया।। ऐसे में उनकी तबियत ख़राब हुई तो देखने वाला बेटी रोशनी के अलावा कोई नहीं था।

इतना ही नहीं, अगले दिन सुबह शकील भाई ने अपने साथियों के साथ मिलकर मृतक का अंतिम संस्कार भी किया। रमजान के महीने में रोजे रखे होने के बाद भी उन्होने पहले इंसानियत का धर्म निभाया और पूरे विधि विधान से पाटीदार जी का अंतिम संस्कार किया गया। शकील भाई अपने साथियों सुमेर सिंह दरबार (समाजसेवी),पूर्व पार्षद संजय दायमा, पत्रकार रईस शेख और सुरेंद्र बांगर पाटीदार के साथ देर रात से ही परिवार का सहारा बनकर डटे रहे और फिर पूरी विधि से मृतक का अंतिम संस्कार कराया। छोटी बेटी रोशनी ने अपने पिता को मुखाग्नि देकर उनका अंतिम संस्कार किया। इससे पहले भी शकील भाई लगातार पूरे समय फील्ड में रहकर अपने साथियों के साथ लोगों की मदद करते आये हैं।