राज्य शासन ने किया इस महिला तहसीलदार को निलंबित, यह है कारण

उल्लेखनीय है कि दीपाली जाधव पर लोकायुक्त ने 2014 में ही प्रकरण दर्ज कर लिया था लेकिन सरकारी रुकावटों के कारण चालान पेश होने में देर हुई। नायब तहसीलदार के विरुद्ध 28 मार्च 2014 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच में पाया कि जमीन नीलामी में गड़बड़ी की गई है।

निलंबित

देवास, सोमेश उपाध्याय। देवास ग्रामीण क्षेत्र की तहसीलदार दीपाली जाधव को शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन के आदेश भोपाल से जारी हुए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोप है कि उज्जैन में नायाब तहसीलदार रहते हुए उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया और बैंक लोन की जमीन की नीलामी कम कीमत में करवाई जिसका प्रकरण लोकायुक्त में चल रहा था।

उज्जैन लोकायुक्त के इंस्पेक्टर बसंत श्रीवास्तव के अनुसार उज्जैन में जाधव नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ थी उस समय बैंक लोन जमा नहीं करने पर एक व्यक्ति की जमीन की नीलामी प्रक्रिया चल रही थी। जमीन की शासकीय कीमत 30 लाख थी जिसे दीपाली जाधव ने अपने पति के ड्राइवर के नाम से मात्र 11 लाख में नीलाम कर कर दिया। तहसीलदार का कोर्ट में मार्च में चालान पेश किया गया था।

उल्लेखनीय है कि दीपाली जाधव पर लोकायुक्त ने 2014 में ही प्रकरण दर्ज कर लिया था लेकिन सरकारी रुकावटों के कारण चालान पेश होने में देर हुई। नायब तहसीलदार के विरुद्ध 28 मार्च 2014 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच में पाया कि जमीन नीलामी में गड़बड़ी की गई है। सांठ-गांठ कर नायब तहसीलदार ने पति रणवीर कर्नाल निवासी इंदौर के हस्ताक्षर कराए। जमीन को इंदौर के ही प्रेमचंद दांगी ने खरीदना बताया, किंतु जब जांच की गई तो बताए पते पर दांगी नहीं मिला। जांच पश्चात तीनों के विरुद्ध 13(1)डी, 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा 120बी आईपीसी के तहत केस दर्ज किया गया था।

बागली में भी रह चुकी है तहसीलदार

जाधव देवास के पूर्व बागली में तहसीलदार थी।यहाँ भी वे अक्सर विवादों में रही।कई मौकों पर वह ज्ञापन लेने कार्यालय से बाहर ही नही आती थी।उन पर जनता ने आसानी काम न करने के भी आरोप लगाए थे।बीते कुछ माह पूर्व ही जाधव को बागली से देवास स्थान्तरित किया गया था।