देवास/बागली, सोमेश उपाध्याय| हाल ही में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा गौ कैबिनेट का गठन करने का फैसला लिया गया। गौ केबिनेट का गठन करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया। सरकार के इस कदम की प्रसिद्ध जेन सन्त आचार्य विद्यासागर महाराज ने भी प्रसंशा की है। हालांकि आचार्य श्री ने यह भी कहा कि वे अभी और भी कुछ सोच रहे है। यह पद अभी छोटा है। इससे भी कुछ बड़ा होगा। भारत का वह प्रतीक बन जाए। समय लगेगा पर यह भी हो जाएगा।

गौरतलब है कि जैनाचार्य ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की भी माँग की थी। अभी देश में आचार्यश्री की प्रेरणा से गौ संवर्धन के लिए बहुत से कार्य किए जा रहे है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में गौधन के संरक्षण और संवर्धन के लिए गौ-केबिनेट के गठन का निर्णय लिया है। गौ-केबिनेट के अध्यक्ष मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान होंगे। समिति में गृह, जेल, संसदीय कार्य, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, वन मंत्री कुँवर विजय शाह, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह सिसोदिया और पशुपालन, सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण मंत्री प्रेम सिंह पटेल सदस्य होंगे। अपर मुख्य सचिव पशुपालन विभाग समिति के भार-साधक सचिव होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा है कि गौ-केबिनेट की प्रथम बैठक गोपाष्टमी के दिन 22 नवम्बर को आगर-मालवा में गौ अभ्यारण में आयोजित की जाएगी।