मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में संसोधन के बाद पहली शादी, नवदंपतियों को कलेक्टर ने दिया आशीर्वाद

-First-marriage-after-changes-the-Chief-Minister-Kanyadan-Yojana

धार| नई सरकार में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना तथा मुख्यमंत्री निःशक्त विवाह योजना में संसोधन के बाद पहली शादी धार जिले में हुई| धार में स्थित आर्य समाज मंदिर में आयोजित विवाह समारोह में तिरला जनपद पंचायत क्षेत्र की एकल दिव्यांग नवदम्पत्ति सुरेश सिसोदिया तथा लक्ष्मी सिंगार ने सात फेरे लिए| जहां जिले के कलेक्टर दीपक सिंह नवदंपतियों को सुखी जीवन का आशीर्वाद दिया| इसके बाद कलेक्टर श्री सिंह ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत 51 हजार रूपये तथा मुख्यमंत्री निःशक्त विवाह योजना के अंतर्गत 1 लाख रूपये की राशि नवदम्पत्ति को प्रदाय की गई। 

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत प्रदाय की जाने वाली राशि में से 43 हजार रूपये कन्या को दी गई तथा 5 हजार रूपये की सामग्री प्रदाय की गई और 3 हजार रूपये विवाह के आयोजन के लिए दिए गए है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत इस नवदम्पत्ति को 1 लाख रूपये की राशि का चेक प्रदाय किया गया। पं. लखनसिंह आर्य द्वारा वैदिक विधि से मंत्रोच्चार से विवाह सम्पन्न कराया। यह विवाह लायंस क्लब धार सिटी तथा पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के तत्वाधान में आयोजित किया गया था। इन नवदम्पत्ति को धार-झाबुआ ग्रामीण क्षेत्रीय बैंक के रीजनल ऑफिस के अभिन्न पाण्डे, संदीप गुप्ते ने बर्तन का सेट प्रदान किया।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं मुख्यमंत्री निकाह योजना के अंतर्गत 28 हजार रूपये से बढ़ाकर 51 हजार रूपये की है। इस राशि में से सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन के लिए अधिकृत निकायों को 3 हजार रूपये प्रति कन्या के मान से, सामग्री की कीमत 5 हजार रूपये तथा शेष राशि 43 हजार रूपये कन्या के बचत बैंक खाते में जमा कराई जाने का प्रावधान किया है। आदिवासी अंचलों में जनजातियों में प्रचलित विवाह प्रथा के अंतर्गत होने वाले विवाह चाहे सामूहिक हो या एकल हो, कन्या विवाह सहायता की राषि दी जाने का प्रावधान किया है। शासन द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के अंतर्गत कन्या विवाह/निकाह सहायता की राशि का लाभ प्राप्त करने के लिए आय सीमा का बंधन समाप्त किया गया है। 

इस योजना के तहत कलेक्टर दीपक सिंह के प्रयासों से जिले में अनुसूचित जनजाति की कन्या का यह एकल नवदम्पत्ति के विवाह का राज्य शासन द्वारा किए गए योजना में संशोधन के बाद यह पहला विवाह है। इस प्रकरण में कन्या अनुसूचित जनजाति की तथा वर राजपुत समाज (सामान्य वर्ग) से है।