कांग्रेस नेता पर MLA की टिकट दिलाने के नाम पर लाखों रुपए ऐंठने का आरोप, FIR दर्ज

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डिंडोरी| मध्य प्रदेश के डिंडोरी में कांग्रेस के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य इरफान मलिक पर विधानसभा चुनाव में टिकट दिलवाने के नाम पर लाखों रुपए लेने का आरोप लगा है| मलिक पर कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अनुसूचित जाति जनजाति नृशंसता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं कांग्रेस नेता ने इन आरोपों को गलत बताते हुए  पुलिस पर गलत तरीके से मामला दर्ज करने का आरोप लगाया है साथ ही कहा है कि पार्टी के ही कुछ प्रभावशाली नेताओं के द्धारा मेरी राजनैतिक हत्या की साजिश रची गई है और पुलिस मोहरे के तौर पर काम कर रही है।

जिले के शाहपुर थाना अंतर्गत तेंदूमेर मोहतरा निवासी अजीत धुर्वे ने कांग्रेस के प्रदेश प्रतिनिधि इरफ़ान मलिक पर आरोप लगाया कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी से टिकट दिलाने के नाम पर उसके साथ रुपए लेकर धोखाधड़ी की गई है। आरोप है कि कांग्रेस नेता ने शहपुरा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी से टिकट दिलाए जाने के नाम पर अजीत धुर्वे  नाम के युवक से 3 लाख 83 हजार रुपए ऐंठ लिए| आवेदक की शिकायत पर पुलिस ने इरफ़ान मलिक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज़ कर तफ्तीश शुरू कर दी है|

एफआईआर में दिए गए बयान में अजीत धुर्वे ने आरोप लगाया कि वह वर्तमान में साकेत नगर डिंडौरी में रहता है। दस सितंबर 2017 को इरफान मलिक निवासी गल्ला मंडी डिंडौरी द्वारा शहपुरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की टिकट दिलाने के नाम पर उससे पैसा लिया गया। अजीत धुर्वे ने बताया कि दिल्ली, भोपाल, वड़ोदरा व जबलपुर की टिकट भी उसने कराई। टिकट दिलाने के नाम पर अलग-अलग किश्तों में कुल तीन लाख 83 हजार 800 रुपए लेने का आरोप लगाया गया।  उसने यह भी बताया कि18 जनवरी 2018 को दस हजार रुपए उसने इरफान मलिक के एसबीआई बैंक खाते में भी ट्रांसफर किया था। धोखाधड़ी के संबंध में जब उसने बड़े भाई ब्रजेश धुर्वे को बताया तो थाना में आकर बड़े भाई के साथ उसने आकर शिकायत दर्ज कराई। एफआईआर में उल्लेख किया गया कि अजीत धुर्वे के साथ धोखाधड़ी कर जाति सूचक गाली गलौज कर अभद्र व्यवहार किया गया। अजीत ने 18 हजार रुपए इरफान मलिक से वापस मिलने की बात बताई। उसने बताया कि 29 जुलाई को जब वह पैसा मांगने कांग्रेसी नेता के घर गया तो उसके साथ गाली गलौज कर पैसा देने से मना कर दिया गया। पुलिस ने धारा 420 सहित अनुसूचित जाति जनजाति नृशंसता निवारण अधिनियम 1989 के संशोधन 2015 की धारा 3, 1, ध के तहत मामला दर्ज किया है।