राज्यपाल के मंच पर बोलने खड़े हुए पूर्व मंत्री, कलेक्टर ने किया माइक ऑफ

डिंडोरी डेस्क रिपोर्ट। डिंडोरी जिले के गांव में मंगलवार को राज्यपाल के सामने राजनीति का शर्मनाक नाटक हुआ। पूर्व मंत्री और विधायक ओमकार सिंह मरकाम जैसे ही बोलने के लिए खड़े हुए कलेक्टर ने पहले तो उन्हें रोका और जब नहीं रुके तो उनका माइक ही ऑफ कर दिया। उसके बाद कांग्रेस और बीजेपी दोनों कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। डिंडोरी जिले के वनग्राम चान्डा में महामहिम राज्यपाल मंगू भाई पटेल मंगलवार को पहुंचे थे।

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वहां पर भी कई योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को देने के लिए गए थे। मंच पर उपस्थित राज्यसभा सांसद संपत्तियां उइके और जिला पंचायत की अध्यक्ष ज्योति धुर्वे के भाषण के बाद कान्ग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम बोलने के लिए खड़े हो गए। उन्होंने राज्यपाल से कहा कि क्योंकि वह भी जनप्रतिनिधि हैं और उनका भी बोलने का अधिकार है। लेकिन जैसे ही ओंकार ने बोलना शुरू किया, कलेक्टर रत्नाकर झा ने उन्हें रोकने की कोशिश की। मरकाम जब नहीं रुके तो कलेक्टर रत्नाकर झा ने माइक का स्विच ऑफ कर दिया।

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इसके बाद मंच के नीचे मौजूद कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता आपस में उलझ गए और नारेबाजी करने लगे। मंच पर भी राज्यपाल के सामने ओमकार सिंह मरकाम और ज्योति धुर्वे के बीच काफी बहस हुई। इसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सभा स्थल से हटा दिया। इस पूरे मामले में राज्यसभा सांसद संपत्तिया उइके और जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति धुर्वे ने विधायक के आचरण पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि वह हमेशा इसी तरह की नौटंकी करते हैं। लेकिन विधायक का कहना है कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में अगर वे मतदाताओं के सामने नहीं बोलेंगे तो जनप्रतिनिधि होने का औचित्य क्या! विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने पूरे घटनाक्रम को महामहिम के समक्ष लोकतंत्र का अपमान बताया है। इस पूरे घटनाक्रम का असर यह हुआ कि राज्यपाल को इसी ग्राम में रात्रि विश्राम करना था लेकिन इसे स्थगित करते हुए उन्हें फिर डिंडोरी के जिला मुख्यालय में रात्रि विश्राम का कार्यक्रम करना पड़ा।