डिंडौरी।प्रकाश मिश्रा।
जिले केअंतर्गत समनापुर विकासखंड के अंडई ग्राम में खममेर नदी मध्यम परियोजना का काम एक बार फिर खटाई में पड़ता दिख रहा है। बांध निर्माण का विरोध कर रहे लगभग एक दर्जन गांव के ग्रामीण महिला पुरुष एवं बच्चे पिछले 15 दिनों से निर्माण स्थल पर विरोध के चलते डेरा जमाए हुए हैं ।बता दें कि पिछले 13 जनवरी को इस बहुप्रतीक्षित बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत जिले के प्रशासनिक अधिकारी एवं भारी सुरक्षा बलों के बीच बांध निर्माण का भूमि पूजन करते हुए काम शुरू किया गया था ।

348 करोड़ की भारी-भरकम राशि से तैयार होने वाली इस परियोजना का ग्रामीणों ने शुरू से ही विरोध किया। सन 2016 में भाजपा के शासनकाल में बांध निर्माण को स्वीकृति मिली थी किंतु ग्रामीणों के विरोध के चलते तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बांध निर्माण कार्य को स्थगित करते हुए ग्रामीणों की सहमति के बिना बांध नहीं बनाए जाने की बात सार्वजनिक तौर पर मंच से कही थी। मध्य प्रदेश में सरकार बदलने के बाद बांध निर्माण का काम एक बार फिर प्रारंभ किया गया है।बांध के डूब क्षेत्र में लगभग एक दर्जन गांव प्रभावित होने की बात कहीं जा रही है प्रशासन की मानें तो डूब प्रभावितों में बड़ी संख्या में लोगों ने मुआवजा भी ले लिया है।

बावजूद इसके हजारों की संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष दिन रात बांध निर्माण स्थल पर बैठे हुए हैं और अपना विरोध जता रहे हैं। बांध निर्माण में आ रही रुकावटें और ग्रामीणों को विरोध को देखते हुए केंद्र सरकार के मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे सहित जिले के प्रतिनिधि 28 जनवरी को अंडई ग्राम पहुंचे जहां ग्रामीणों से चर्चा की। ग्रामीणों ने मंत्री से खुले तौर पर कहा कि हम किसी भी हालत में बांध का निर्माण नहीं होने देंगे।

ग्रामीणों ने मांग की कि यहां से पूरा अमला गाड़ी एवं निर्माण में उपयोग की जाने वाली मशीनों एवं संसाधनों को हटाया जाए तभी हम यहां से हटेंगें।बहरहाल मंत्री ने विरोध कर रहे ग्रामीणों को सरकार से बात कर समस्या के निराकरण करने की बात कही है। एक और प्रशासन बांध निर्माण के लिए पूरी तरह से तैयार दिखाई दे रहा है वहीं ग्रामीण पुरजोर इसका विरोध कर रहे हैं देखना होगा कि आम जनता और सरकार के बीच तकरार में क्या निर्णय होता है।