ठगी के आरोपी की दोहरी गिरफ्तारी, खुद को तहसीलदार बताकर की थी ऐसी धोखाधड़ी

आरोपी ने 2010 में एक युवक से डेढ़ लाख रुपये की ठगी की थी। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था जहाँ जमानत पर वह रिहा हो गया था, लेकिन बाद में न्यायालय में पेशी करना जब उसने बंद कर दिया तो उसके खिलाफ दुबारा वारंट निकला गया।

जबलपुर, संदीप कुमार। जबलपुर (Jabalpur) में ठगी (Fraud) करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार (Arrested) कर लिया है। राज परस्ते नामक आरोपी तहसीलदार (Tehsildar) बनकर करीब डेढ़ लाख रुपये की ठगी कर चुका था जिसे बरगी पुलिस ने गिरफ्तार कर ही लिया है। मामले में आरोपी ने बरगी में रहने वाले एक युवक के साथ 2010 मे डेढ़ लाख रुपये की ठगी की थी जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था जहाँ जमानत पर वह रिहा हो गया था, लेकिन बाद में न्यायालय में पेशी करना जब उसने बंद कर दिया तो उसके खिलाफ दुबारा वारंट निकला। तभी से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

ये भी देखें- Transfer: इन विभागों में सबसे ज्यादा तबादले पेंडिंग, 31 हजार अधिकारी-कर्मचारी होंगे इधर से उधर!

बरगी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी राज परस्ते रक्षा बंधन के त्योहार में अपनी ससुराल आया हुआ है। तभी आरोपी को गिरफ्तार करने बरगी थाना पुलिस की एक टीम मौके पर पहुँची और उसे गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि राज परस्ते अपने परिवार के साथ नागपुर में रहकर मजदूरी कर रहा था जिसे की पुलिस लगातार तलाश कर रही थी।

ये भी देखें- J&K: सुरक्षा बल के साथ मुठभेड़ में जैश के 3 आतंकी ढेर, नागबेरियन त्राल के जंगलों में छिपे बैठे थे

पकड़ा गया आरोपी राज परस्ते बी.एस.सी. पास है। वह नागपुर में परिवार के साथ रहकर वर्तमान मे मजदूरी कर रहा थां। आरोपी ने ग्राम शूकरी में रहने वाले एक युवक के जमीन के काम को लेकर स्वयं को तहसीलदार बताया और उससे फिर डेढ़ लाख रुपए की ठगी कर डाली जिसके बाद पीड़ित ने बरगी थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसके बाद पुलिस द्वारा 11 साल तक तलाश करने के बाद आरोपी एक बार गिरफ्तार हो गया।