आधी रात को सब स्टेशन पहुंचे ऊर्जा मंत्री, ताला देख प्रभारी को फोन पर फटकारा

मंत्री को FOC केंद्र पर ताला लगा मिला जिसे देख मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने वहीं से सब स्टेशन प्रभारी को फोन लगाया और फटकार लगाई

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। औचक निरीक्षण कर वास्विकता का खुद पता लगाने में भरोसा करने वाले प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Praduman Singh Tomar) इस समय एक्शन मूड में हैं। भोपाल, सारणी सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों का दौरा कर चुके ऊर्जा मंत्री बीती आधी रात को मुरैना(Morena) जिले के बानमोर औद्योगिक फीडर के सब स्टेशन पर पहुंच गए। यहाँ उन्हें ताला लगा मिला तो उन्होंने वहीं से सब स्टेशन (Sub Station) प्रभारी को फोन लगाकर फटकार लगाई।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर बुधवार को गृह नगर में थे। रात को वे अचानक विद्युत सब स्टेशनों के निरीक्षण पर निकल गए। रात 2 बजे शुरू हुआ उनका औचक निरीक्षण सुबह 5 बजे तक चला। ऊर्जा मंत्री मुरैना जिले के बानमोर औद्योगिक फीडर के विद्युत सब स्टेशन पर पहुंचे। यहाँ उन्हें स्टाफ नहीं मिला, मंत्री को FOC केंद्र पर ताला लगा मिला जिसे देख मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने वहीं से सब स्टेशन प्रभारी को फोन लगाया और फटकार लगाई। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ये औद्योगिक फीडर है, FOC में 24 घंटे सेवाएं रहती हैं यहाँ क्यों नहीं हैं। अधिकारी ने स्टाफ नहीं होने की बात कही और ये भी बताया कि उसने इस विषय की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी है। लम्बी बातचीत के बाद मंत्री ने सुबह ऑफिस में फिर से आने की कहकर फ़ोन काट दिया।

बानमोर के बाद ऊर्जा मंत्री ने करीब 3:30 बजे ग्वालियर के लधेडी, महाजपुरा, डीडी नगर, शताब्दीपुरम सब स्टेशनों का भी निरीक्षण किया। यहाँ उन्होंने स्टाफ की उपस्थिति देखी। मंत्री को सब स्टेशनों में गंदगी और अव्यवस्थाएँ दिखाई दी। जिसे सुधारने के उन्होंने निर्देश दिये। यहाँ टॉइलेट गंदे देख अफसरों को फटकार लगाई। मंत्री ने कहा कि मैं किसी भी काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं करूँगा।

सुबह फिर पहुंचे बानमोर

रात को ताला देख भड़के ऊर्जा मंत्री दिन में एक बार फिर बानमोर पहुँच गए उन्होंने सब स्टेशन में ही वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया और गड़बड़ियों की रिपोर्ट मांगी। अफसरो ने अपना रोना रोया तो ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ये उद्योग और किसानों का फीडर है यहाँ निर्बाध बिजली आपूर्ति होनी चाहिए। और यदि कोई शिकायत लेकर आता है तो उसका निराकरण होना चाहिए। यदि शासन स्तर पर आपको कुछ चाहिए तो मुझसे कहिये लेकिन जो व्यवस्थाएँ आपको बनानी है उसमें लापरवाही नहीं चलेगी।