जबलपुर के अस्पताल में समय पर इलाज नहीं मिलने से मां की गोद में ही मासूम ने तोड़ा दम

डॉक्टर साहब ने अजीब तर्क देते हुए कहा कि मेरी पत्नी का व्रत था इसलिए लेट हो गया और मुझे जानकारी नहीं थी अस्पताल में कोई बच्चा मृत हो गया हैं।

संदीप कुमार, जबलपुर। जबलपुर से डॉक्टरों की लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां उनका समय पर अस्पताल में उपस्थित न होना एक पांच साल के बच्चे की मृत्यु का कारण बना। ये घटना जबलपुर जिले के बरगी से 15 किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्र तिनेहटा देवरी की है, जहां बरगी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ऋषि नाम के बच्चे ने इलाज के अभाव में अपनी मां की गोद में ही दम तोड़ दिया।

परिजनों की अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि बच्चे की मौत समय पर इलाज ना मिलने के कारण हुई है क्योंकि जब गंभीर हालत में बीमार बच्चे को इलाज के लिए बरगी शासकीय अस्पताल लाया गया तो वहां पर सिर्फ इलाज के नाम पर एक नर्स मौजूद थी। इस दौरान कोई भी डॉक्टर नहीं था। हालांकि घटना को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर डाक्टर इलैयाराजा टी ने जांच के निर्देश दिए हैं।

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जानकारी के मुताबिक, बुधवार की सुबह 10:30 बजे जब बच्चे को लेकर परिजन बरगी अस्पताल पहुंचे तो वहां पर डॉक्टर नहीं था। अति गंभीर अवस्था होने के बावजूद बच्चे को समय पर उपचार ना मिलने के कारण वह अकारण ही काल के गाल में समा गया। बरगी शासकीय अस्पताल में केवल एक नर्स अपनी ड्यूटी करते हुए नजर आई जबकि वहां पर डॉक्टर के पहुंचने का निर्धारित टाइम सुबह 10:00 बजे का हैं और 4:00 बजे शाम तक उन्हें अस्पताल में रहना होता हैं। ग्रामीणों की मौजूदगी में दोपहर 12:00 बजे एक डाक्टर अस्पताल पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनसे देर से आने की वजह जानी तो उन्होंने बताया कि घर पर एक काम था इस वजह से लेट हो गया।

घटना घटित होने के 1 घंटे तक बीएमओ मैडम भी अस्पताल में उपस्थित नहीं थी। इसके 1 घंटे बाद जब एक और डॉक्टर साहब पहुंचे तो उनका भी अजीब तर्क था कि कल मेरी पत्नी का व्रत था इसलिए लेट हो गया और मुझे जानकारी नहीं थी अस्पताल में कोई बच्चे की हो गया हैं।