बाढ़ से टूटा पुल, लोग जान जोखिम में डालकर कर रहे नदी पार, प्रशासन लापरवाह

धूमेश्वर धाम के पास सिंध नदी पर बने पुल के टूट जाने से दतिया ग्वालियर और शिवपुरी ज़िले के लगभग 20 गांव का संपर्क टूट गया है, और लोग टूटे हुए पुल के बीच रस्सी के सहारे अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं।

डबरा, सलिल श्रीवास्तव। डबरा (Dabra) भितरवार अंचल में आई बाढ़ के बाद लोगों के पास ना तो रहने के लिये कोई छत बची है, ना खाने को कुछ है। ऊपर से बाढ़ में कई जगह टूट चुके पुलों (Bridge) के चलते लोगों को अब आवागमन के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। धूमेश्वर धाम के पास सिंध नदी पर बने पुल के टूट जाने से दतिया, ग्वालियर और शिवपुरी ज़िले के लगभग 20 गांव का संपर्क टूट गया है, और लोग टूटे हुए पुल के बीच रस्सी के सहारे अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं। इसपर प्रशासन है कि लापरवाह बना हुआ है। आपको बता दें कि बीते दिनों डबरा भितरवार अंचल में सिंध और पार्वती नदी में आई बाढ़ के चलते कई गांव पूरी तरीके से नष्ट हो गए थे। जिसमें भितरवार अंचल के अधिकांश गांव थे तो कुछ डबरा अनुविभाग के भी शामिल रहे।

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शासन-प्रशासन ने राहत तो दी पर यह राहत लोगों के लिये काफ़ी नहीं है। लोग समाजसेवियों के सहारे  अपना जीवन यापन कर रहे हैं। इससे अलग कई ब्रिज भी टूट गए हैं जिससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि बात की जाए तो धूमेश्वर धाम के पास बने सिंध नदी पर बना पुल तो ये बाढ़ की चपेट में आकर टूट चुका है। जिससे लगभग 20 गांव का संपर्क टूट गया है जिसमें दतिया, ग्वालियर और शिवपुरी जिले के लोगों को आने जाने में काफी परेशान हो रही है। यह देखते हुए अब लोगों ने नदी को ही पारकर अपने गंतव्य पर जाने का सहारा बना लिया है।

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इस ब्रिज के सहारे नदी पार नहीं की जाए तो लोगों को लगभग 80 किलोमीटर घूम कर अपने गंतव्य पर पहुंचना होगा जो काफी परेशानी का सबब बन रहा है। इस कारण ग्रामीण अपनी जान पर खेलकर नदी को पार कर रहे हैं। मामले में ना कोई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद है और ना ही कोई एक्सपर्ट। यहां ग्रामीण रस्सी और गाड़ियों के ट्यूबों के सहारे नदी पार कर रहे हैं। सबसे बड़ी बात वह ऐसे समय अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं जब कभी भी सिंध नदी में ऊपर से पानी छोड़ा जा रहा है। अब देखा जाएगा कि प्रशासनिक अधिकारी कब इस मामले में कोई कार्रवाई करते हैं।