अतिक्रमण हटाने गई वन अमले की टीम पर हमला, बमुश्किल बची जान

वन विभाग की भूमि पर जंगल माफियाओं द्वारा सागवान के पेड़ काटे जा रहे थे। जिसकी सूचना मिलने पर विभाग की टीम ने यह कार्रवाई की।

देवास, सोमेश उपाध्याय। वर्तमान समय में वन माफ़ीयाओं और अतिक्रमणकारियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वन विभाग के कर्मचारी भी असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। ताजा मामला देवास जिले के बागली उपमण्डल के जिनवाणी रेंज का सामने आया है। जहां अतिक्रमण हटाने गए वन विभाग के अमले पर ही हमला व पथराव हो गया। यही नहीं अतिक्रमणकारियों ने वन अमले की गाड़ी पर भी हमला किया और टायर काटकर टँकी भी छतिग्रस्त कर दी है।

अतिक्रमण हटाने गई वन अमले की टीम पर हमला, बमुश्किल बची जान

जानकारी के अनुसार जिनवाणी रेंज के डेरी बौरी और उसके पास के इलाको में वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जे की नियत से बड़े पैमाने पर जंगल माफियाओं द्वारा सागवान के पेड़ काटे जा रहे थे। वहीं जब इसकी सूचना मिलने पर विभाग की टीम कार्रवाई के लिए पहुँची तो सागवान के पेड़ों को काटकर सिल्लिया बनाई जा रही थी। तभी टीम को देख बड़ी संख्या में लोगों द्वारा अचानक वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया गया जिससे विभागीय कर्मचारी बमुश्किल भाग कर अपनी जान बचा पाए है।

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रेंजर बी एस सिकरवार ने एमपी ब्रेकिंग को बताया कि कार्रवाई के दौरान हुए जानलेवा हमले व पथराव में एक कर्मचारी बुरी तरह चोटिल भी हुआ है। इस संबंध में पुलिस थाना कांटाफोड़ पर आवेदन भी दिया गया है। हालांकि गुरुवार रात तक उक्त मामले को लेकर थाने पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी।

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गौरतलब है कि पहले में भी बागली उपमंडल अंतर्गत में वन माफियाओं द्वारा वनकर्मी पर गोली चलाई गई थी, जिसमे वनकर्मी की मौत हो गई थी। इससे साफ ज़ाहिर होता है यदि समय रहते अतिक्रमणकारियों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वन विभाग के छोटे कर्मचारियों के लिए भी जंगल बचाना मुश्किल हो जाएगा।