खरगोन में रामनवमी के दिन हुए दंगे में 12 साल के बालक से इतने लाख वसूलेगी सरकार, जारी किया नोटिस

मध्यप्रदेश के खरगोन जिले (Khargone) में 10 अप्रैल को रामनवमी दिन निकाले गए जुलुस में हुए दंगों के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने क्लेम्स ट्रिब्यूनल का गठन किया था।

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खरगोन, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले (Khargone) में 10 अप्रैल को रामनवमी दिन निकाले गए जुलुस में हुए दंगों के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने क्लेम्स ट्रिब्यूनल का गठन किया था। क्लेम्स ट्रिब्यूनल का गठन करने के बाद अब पहली बार शिवराज सरकार द्वारा इन दंगों की वजह से हुए नुकसान को लेकर भरपाई करने के आदेश जारी किए है। ऐसे में सरकार अब जुलुस में दंगाई करने वाले 50 लोगों से करीब 7.37 लाख रुपए की वसूली करेगी। अभी हाल ही में ट्रिब्यूनल ने महिला की शिकायत पर दंगों में संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले एक 12 साल के आरोपी को 2.9 लाख रुपए देने का नोटिस भेजा है।

दरअसल, इसकी भरपाई इस 12 साल के बालक के माता पिता को करना होगी क्योंकि जब दंगे हुए थे तब वो बालक 11 साल 10 महीने का था। जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश प्रिवेंशन एंड रिकवरी आफ डैमेज टू पब्लिक प्रापर्टी एक्ट के चलते स्थापित ट्रिब्यूनल ने अगस्त 2022 में एक महिला की शिकायत पर इस 12 साल के बालक और अन्य 7 लोगों को नोटिस जारी किया था।

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जिसको लेकर ट्रिब्यूनल के सदस्यों का मानना है कि सब कुछ कानून के अनुसार ही होगा। क्योंकि हम अब दीवानी प्रकृति के मामलों का फैसला कर रहे हैं। इस दौरान अगर मामला आपराधिक होता है तो बालक को किशोर न्याय अधिनियम का संरक्षण दिया जाता है। ये सिर्फ जुर्माने के बारे में इसमें कोई सजा नहीं है। इसमें अगर बालक छोटा है तो राशि उसके माता पिता से वसूली जाएगी। क्योंकि इसके लिए उस बालक के माता पिता ही जिम्मेदार है।

बड़ी बात ये है कि जब बालक के परिवार को नोटिस मिला तो उनके वकील ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ में तुरंत याचिका दायर करवाई। इस याचिका में बालक पक्ष की ओर से नोटिस रद्द करने की आग्रह की गई है। आपको बता दे, 12 सितम्बर के दिन कोर्ट ने बालक को ट्रिब्यूनल में जाने का ऑप्शन दिया था। ऐसे में बालक ने उस वक्त मां के द्वारा आवेदन दायर करवाया था। इस आवेदन में लिखा हुआ था कि उस पर किसी भी अपराध का आरोप नहीं लगाया गया है और उसे कानून के उल्लंघन के रूप में नामित नहीं किया जा सकता है।