गुना, संदीप दीक्षित। गुना (Guna) जिले के बहुचर्चित कोन्याकला कांड में आरोपियों की गिरफ्तारी का सिलसिला जारी है। साल 2006 में कोन्याकला गांव में भीलों की महापंचायत के दौरान उपद्रव रोकने पहुंचने टीआई वीर सिंह सप्रे की हत्या के मामले में 4 हजार के इनामी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ हत्या सहित बलवा और अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज था। जिसे चांचौड़ा पुलिस ने गोया रोड से गिरफ्तार करने में सफलता पाई है।

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पुलिस के मुताबिक कोन्याकला कांड में फरार आरोपी दीवान सिंह पुत्र कल्याण सिंह भील निवासी ग्राम कालापीपल की 15 वर्षों से तलाश थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी दीवान सिंह गोया रोड चांचौड़ा पर खड़ा है। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस फोर्स रवाना किया गया। मुखबिर से मिली सूचना सटीक साबित हुई और आरोपी दीवान सिंह पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जिसे बाद में न्यायालय में पेश किया गया है।

क्या है कोन्याकला कांड
साल 2006 में भील समाज की एक महापंचायत के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि समुदाय हिंसा की तैयारी कर रहा है। महापंचायत एक युवती से छेड़छाड़ के संबंध में हुई थी। संभावित हिंसा को रोकने और भील समुदाय को समझाइश देने के उद्देश्य से तत्कालीन कुंभराज थाना प्रभारी कोन्यकलागांव पहुंचे थे। इसी दौरान महापंचायत में शामिल लोगों ने गोफना और पत्थरों से हमला कर दिया। इस हमले में टीआई वीर सिंह सप्रे की मौत हो गई थी। इस मामले में हालात काबू नहीं कर पाने के चलते तत्कालीन एसपी विवेक शर्मा को भी गुना जिले से हटा दिया गया था। घटना के दौरान डॉ. जी.के. सारस्वत गुना जिले के कलेक्टर थे।