बहू के कंधे पर बैठा जेठ, जानवरों की तरह हांकते 3 किलोमीटर चलाया, वीडियो वायरल

गुना, डेस्क रिपोर्ट। हमारे समाज में महिलाओं के साथ दोयम दर्जे के बर्ताव की घटनाएं तो आम हैं, उनके साथ दुर्व्यवहार और अपराध के ग्राफ में भी कोई कमी नहीं है। लेकिन कई बार कुछ ऐसे वाकये होते हैं जो दिल दहला देते हैं। गुना में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब एक आदिवासी महिला (tribal woman) के साथ उसके ही ससुराल वालों (in-laws) ने जानवरों की तरह व्यवहार किया।

सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल (video viral) हो रहे हैं और एक महिला के कंधे पर कोई व्यक्ति बैठा (boy sitting on the shoulder) हुआ है। वो उसे जानवरों की तरह हांकते हए कहीं ले जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक ये घटना गुना जिले के सिरसी थाना क्षेत्र के ग्राम सागई और बाँसखेडी का है। पीड़ित महिला आदिवासी भील समाज (bhil tribe) से ताल्लुक रखती है। बताया जा रहा है कि उसकी शादी बाँसखेडी गांव में हुई थी और मायका ग्राम दगड़फला ग्राम पंचायत राय बमोरी विधानसभा का है। कहा जा रहा है कि उसका पति उसे छोड़कर किसी और महिला के साथ रहना चाहता था। उनके समाज की रीत के अनुसार ऐसा होने पर पति पत्नी आपसी सहमति से अलग हो जाते हैं। पति द्वारा किसी और महिला के साथ रहने की बात कही जाने पर पत्नी (पीड़िता) भी उससे सहमत होकर मैं अपने विवाहित पति को छोड़ एक अन्य युवक के साथ ग्राम सागई में रहने लगी। पीड़ित महिला का कहना है कि वो करीब एक महीने से दूसरे युवक के साथ पत्नी के रूप में रह रही थी। अचानक 9 फरवरी को पूर्व ससुराल वाले लोग आए जिनमें ससुर और जेठ ससुर के लड़के शामिल, वो महिला के घर पहुंचे और उसे मुझे मारते पीटते हुए पूर्व सुसराल बांसखेड़ी तक जबरदस्ती ले गए। बात केवल इतनी ही नहीं है,  सागई गांव से बांसखेड़ी का रास्ता 3 किलोमीटर का है और इस दौरान पीड़िता के कंधे पर उसके रिश्ते के एक जेठ को बैठा दिया गया। अपने जेठ को कंधे पर लादे हुए महिला को जानवरों की तरह लकड़ी से हांकते हुए और पीटते हुए पूर्व ससुराल तक लाया गया। इस दौरान उनके साथ अच्छी खासी भीड़ चल रही थी और महिला की मदद करने की बजाय लोग उसका मजाक बना रहे थे।

इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने एक्शन लिया है और चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सिरसी थाना प्रभारी राकेश शर्मा ने बताया कि इस मामले में मारपीट की धाराओं में मामला 4 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है और तीन लोग गिरफ्तार कर लिए गए हैं। जब उनसे पूछा गया कि इस मामले में अपहरण की धारा में मामला दर्ज क्यों नहीं है तो उन्होंने बताया कि महिला अपने पूर्व पति के घर से गई और पूर्व पति के लोग तुरंत ही उसे जाकर ले आए। जबकि पीड़ित महिला का कहना है कि वह अपने दूसरे पति के साथ एक माह से ग्राम सागई में रह रही थी। यह घटनाक्रम तब हुआ जब उसका दूसरा पति मजदूरी के लिए घर से बाहर गया हुआ था। बहरहाल, पुलिस इस मामले में जो भी कार्रवाई करे लेकिन इस घटना ने एक बार फिर समाज में महिलाओं की स्थिति की असलियत उजागर कर दी है। इस शर्मनाक घटना को लेकर फिलहाल किसी नेता-मंत्री ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।