गुना में वन अमले से फिर दबंगई, सागवान की तस्करी को रोकने के दौरान रेंजर पर जानलेवा हमले का प्रयास

उनकी टीम ने जब तस्करों को रोका तो यह अपने साथियों के साथ पहुंचे और बैलगाड़ियों को बलपूर्वक छुड़ाकर ले गए। इस झड़प के दौरान विभाग के ड्राइवर को चोटें भी आई हैं।

गुना

गुना, संदीप दीक्षित। गुना जिले में वन अमले (forest staff) पर हमला करने और दबंगई दिखाने की एक और वारदात सामने आई है। इस बार सागवान की तस्करी (smuggling of teak) के रोकने के दौरान वन विभाग (forest department) के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मारपीट (assault) की गई। वारदात आरोन वन परिक्षेत्र के ग्राम कुश्मान मार्ग की है। हमला और मारपीट की घटना के बाद आरोन रेंजर सुधीर शर्मा (ranger sudhir sharma) ने एफआईआर (FIR) दर्ज कराई है। जिसमें 11 लोगों को नामजद और 25 से 30 अज्ञात लोगों द्वारा वारदात को अंजाम दिए जाने की जानकारी दी गई है। रेंजर ने बताया कि आरोपी पांच बैलगाड़ियों में सागवान भरकर तस्करी करते हुए ले जा रहे थे। उनकी टीम ने जब तस्करों को रोका तो यह अपने साथियों के साथ पहुंचे और बैलगाड़ियों को बलपूर्वक छुड़ाकर ले गए। इस झड़प के दौरान विभाग के ड्राइवर को चोटें भी आई हैं।

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आरोन थाने में दर्ज शिकायत के मुताबिक वन विभाग के रेंजर सुधीर शर्मा शनिवार दोपहर लगभग एक से दो बजे के बीच कुश्मान गांव में पौधारोपण के प्रस्तावित वन भूमि का निरीक्षण करने के लिए गए थे। इसी दौरान रास्ते में उन्हें पांच बैलगाड़ियां आती हुई दिखाई दीं। नजदीक आने पर पाया कि बैलगाड़ियों में भारी मात्रा में सागवान की लकड़ी भरी हुई है। जिसे इस तरह ले जाना प्रतिबंधित किया गया है। वन विभाग के अधिकारियों को देखकर बैलगाड़ियों पर सवार लोग वहां से भाग गए। रेंजर और उनका साथी अमला बैलगाड़ियों में रखी सागवान की पड़ताल कर ही रहा था कि मौके से भागने वाले लोग अपने साथ 25 से 30 साथियों को लेकर पहुंच गए।

इन सभी के हाथों में धारदार हथियार, डंडे आदि थे। इस भीड़ में शामिल कुछ आरोपियों ने रेंजर सुधीर शर्मा को जान से मारने का प्रयास किया, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। एक आरोपी ने कुल्हाड़ी से वार किया, जो ड्राइवर जोवर के सिर के करीब आकर लगा। इस दौरान उसे गंभीर चोट आई है। शिकायत में कहा गया है कि घटना का वीडियो बना रहे वन रक्षक निशांत जैन से कुछ लोगों ने झूमा-झटकी की और धमकी देते हुए वीडियो डिलीट करवा दिया। इस वारदात के अंत में आरोपी वन अमले के कब्जे से पांचों बैलगाड़ी लेकर फरार हो गए।

वीडियो रिकवर करवाए, तब हुई पहचान
वारदात के दौरान किसी तरह संभलते हुए वन विभाग का अमला अपने मुख्यालय पहुंचा। इसके बाद सबसे पहले आरोपियों द्वारा डिलीट किए गए वीडियो रिकवर करवाए गए। वन विभाग के स्टाफ में शामिल कुछ वन रक्षकों ने इस हमले में शामिल 11 लोगों को पहचान लिया। जिनके आधार पर इनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। जिसमें 11 नामजद और 25 से 30 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया है।

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इससे पहले एक जून को भी वन विभाग द्वारा ऐसे ही एक मामले में ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गई थीं। लेकिन कुछ देर बाद दबंग मौके पर पहुंचे और वन अमले को धमकाते हुए वाहन छुड़ाकर ले गए। मौके पर आरोपियों की संख्या बहुत ज्यादा होने के चलते वन अमला कुछ नहीं कर सका। हालांकि बाद में इस घटना की भी आरोन थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई थी।