एमपी की इस सीट से लोकसभा चुनाव लड़ेंगें सिंधिया!

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गुना। सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उन्हें पश्चिमी उत्तरप्रदेश का प्रभारी और पार्टी महासचिव नियुक्त करने के लिए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के प्रति आभार व्यक्त किया है। सिंधिया ने कहा है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने जो विश्वास जताया है, उसके लिए उन्हें बहुत बहुत धन्यवाद । पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी को मजबूत करने के लिए पूरी क्षमता से काम करूंगा। वही लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर सिंधिया ने कहा कि मैं गुना में हूं और गुना से ही लोकसभा चुनाव लडूंगा। 

गौना जिले के दौरे पर सिंधिया ने कहा है कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, इसके लिए में उनका कृतज्ञ हूं। मैं पार्टी द्वारा दी गई इस  जिम्मेदारी पर पूरी तरह से खरा उतरने की कोशिश करुंगा। उत्तर प्रदेश में बहुत ही क्षमता और अवसर है। जमीनी स्तर पर उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करेंगे। प्रियंका जी और राहुल जी के संयुक्त नेतृत्व से भारी उत्साह दिखाई देगा।देशभर में कांग्रेस के पक्ष में माहौल है और यूपी में भी इसका फायदा जरुर मिलेगा। प्रियंका जी के नेतृत्व से उत्तर प्रदेश से बहुत सारे कॉल आ चुके हैं। मैं अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाउंगा।वही उन्होंने एक अखबार से चर्चा में लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर कहा कि मैं गुना में हूं और गुना से ही लोकसभा चुनाव लडूंगा। आगे पार्टी की इच्छा है, जो पार्टी ��ा आदेश होगा वो मुझे मान्य होगा। बता दें कि सिंधिया के ग्वालियर सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा सियासी गलियारों में चल रही है| वही बसपा-सपा के गठबंधन को लेकर कहा कि दोनों अपनी राजनैतिक सोच के आधार पर आगे बढ़ रहे है। ये उनका फैसला है ।

सिंधिया को महासचिव बनाकर पार्टी द्वारा बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने से पार्टी में उनका कद बड़ा है| वहीं अब यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि कहीं उन्हें मध्य प्रदेश की राजनीति से दूर तो नहीं किया जा रहा है|  सामने लोकसभा चुनाव हैं और उनकी सबसे ज्यादा जरूरत मध्य प्रदेश में है। ऐसे समय में उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है| बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री बनाए जाने का दावा मज़बूत माना जा रहा था, क्योंकि वो बतौर राजनेता के रूप में स्थापित हो चुके हैं और प्रदेश की राजनीति में अच्छा खासा वर्चस्व उनका है, और उनके समर्थकों में भी इस बात की होड़ थी की सिंधिया ही सीएम बनेंगे| लेकिन राहुल गाँधी ने सिंधिया को आश्वासन देकर कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया| जिसके बाद से ही सिंधिया की भूमिका क्या होगी इसको लेकर चर्चा हो रही है| इस बीच पार्टी ने उन्हें महासचिव बनाया है|