प्रताड़ना से तंग आकर शिक्षक ने की आत्महत्या, अस्पताल में मौत, संघ ने सौंपा ज्ञापन, दी चेतावनी

बीमा ना करवाने पर brc द्वारा उन्हें प्रताड़ित किया जाता था। जिसमें उन्हें वेतन में अड़ंगे लगा कर परेशान किया जाता था।

गुना, डेस्क रिपोर्ट। चंद्रमौलेश्वर श्रीवास्तव अब शिक्षकों के बीच में नहीं रहे। 10 जून 2021 की रात्रि मे करीब 11 बजे भोपाल के ग्रीन सिटी हॉस्पिटल में उन्हें अंतिम सांस ली। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज 11 जून सुबह 8:00 बजे के लगभग भोपाल के हमीदिया हॉस्पिटल में उनका पोस्टमार्टम होगा।

दरअसल अपनी बात को लेकर उन्होंने brc गुना के खिलाफ प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाते हुए प्रभारी समन्वयक से लेकर जिला प्रशासन के मुखिया तक शिकायत की थी। वहीँ शिकायतों पर कोई निराकरण न होने पर तंग आकर गुरुवार को brc कार्यालय में आत्महत्या जैसा कदम उठाया था। जिन्हें गम्भीर हॉलत के चलते गुना से भोपाल रेफर किया गया था। रात्रि करीब 11 बजे भोपाल के ग्रीन सिटी हॉस्पिटल में उन्हें अंतिम सांस ली।

बता दे गुना के बीमा एजेंट से बीमा कराने और अपनी पत्नी के निजी घरेलू कार्यो से शिक्षक परेशान थे। बीमा ना करवाने पर brc द्वारा उन्हें प्रताड़ित किया जाता था। जिसमें उन्हें वेतन में अड़ंगे लगा कर परेशान किया जाता था।आत्महत्या की कोशिश करने वाले शिक्षक ने इसका नोट गुना कलेक्टर को भी लिखा है।

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गुना brc शंभूसिंह सोलंकी की मनमानी और प्रताड़ना के चलते आज सुबह जिला समन्वयक के नाम गुना के bac ओर cac ने ज्ञापन सौपा। जिसमे brc शम्भूसिंह सोलंकी पर अभद्र व्यवहार करने और निजी घरेलू कार्यो को न करने पर वेतन रोकने के साथ कई गम्भीर आरोप लगाए हैं। वहीं समस्त bac एवं cac ने सामुहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी हैं।

ज्ञापन में कहा गया है कि प्रताड़ना से ग्रसित एक शिक्षक चंद्रमौलेश्वर श्रीवास्तव के द्वारा आत्महत्या का प्रयास किया गया है। जिसे गम्भीर हॉलत में एक निजी चिकित्सालय में भर्ती किया जाकर उपचार किया जा रहा था। जनशिक्षक चन्द्रमोलेश्वर की हॉलत नाजुक के चलते भोपाल रेफर किया गया था।

सूत्रों का कहना है कि प्रभारी समन्वयक डिप्टी कलेक्टर ने विगत 1 साल से कार्यालय की लगातार अनदेखी कर कलेक्ट्रेट से ही जिला कार्यालय संचालित किया था। कर्मचारियों ओर शिक्षाकर्मियों के प्रति व्यवहार रूखा है। शिक्षककर्मी समस्यायों एवम कार्यो को लेकर लगातार घंटों कलेक्ट्रेट में उपेक्षित रहते थे।