GST के कड़े प्रावधानों के विरोध में 26 को व्यापारी करेंगे भारत बंद

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। GST लागू होने के बाद से ही व्यापारी इसके कई प्रावधानों का विरोध कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि GST के बहुत से प्रावधान ऐसे हैं जिनके चलते व्यापारियों को व्यापार करना मुश्किल हो रहा है इसलिए कैट के नेतृत्व में 26 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया गया है।

कैट के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र जैन ने बताया कि भारत बंद (Bharat band) के दौरान ग्वालियर के सभी बाजार बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि बंद को सभी बाजारों का समर्थन मिल रहा है। दाल बाजार, लोहिया बाजार, सराफा बाजार, नया बाजार, किराना व्यवसाई संघ, सेनेटरी व्यवसाई संघ सहित सभी व्यापारी संघों का समर्थन कैट के भारत बंद को मिल रहा है। भूपेंद्र जैन ने कहा कि GST के कुछ बेहद घातक प्रावधान हैं जिनके कारण व्यापार करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि GST में फर्जी बिल, गैर-मौजूद विक्रेता, सर्कुलर ट्रेडिंग आदि के कारण कर चोरी के मामलों में, कर अधिकारी को अब बैंक खाते तथा संपत्ति को जब्त करने का अधिकार होगा। इसके अलावा कर अधिकारी अस्थायी रूप से कंपनी निदेशकों, भागीदारों, कंपनी सचिव, कर्मचारियों, प्रबंधकों, सीए, सीएस, अकाउंटेंट, चार्टर्ड अकाउंटेंट, टैक्स कंसलटेंट, टैक्स एडवोकेट या किसी अन्य व्यक्ति की संपत्ति और बैंक खातों को भी जब्त कर सकता है जिनकी सहभागिता से कोई फ़र्ज़ी लेनदेन किया गया हो। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान फ़र्ज़ी बिलों या गैर कानूनी काम कर रहे लोगों को समाप्त करने के लिए स्वागतयोग्य है जिसका हम समर्थन करते हैं लेकिन इस क़ानून का इस्तेमाल उन करोड़ों व्यापारियों के खिलाफ भी किया जा सकता है जो ईमानदारी से अपना व्यापार कर रहे हैं और क़ानून का पालन भी कर रहे हैं। इस कानून के अंतर्गत कर अधिकारियों को अब यह अधिकार होगा की वे कोई सबूतों के नहीं बल्कि अपने निष्कर्ष के आधार पर ऐसा निर्णय ले सकेंगे और ऑर्डर ऑफ अटैचमेंट जारी कर सकेंगे। व्यापारियों के पूर्व के तजुर्बे के आधार पर यह निश्चित रूप से कहा जा सकता है, इस क़ानून का बेजा इस्तेमाल होगा और इससे न केवल ईमानदार व्यापारियों की परेशानी बढ़ जायेगी बल्कि बड़ी मात्रा में भ्रष्टाचार भी बढ़ेगा।

कैट के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र जैन ने कहा कि इसके अलावा और भी कई ऐसे प्रावधान हैं जिनके चलते व्यापार करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि जुलाई 2017 से लेकर अबतक GST में 937 संशोधन हो चुके हैं । व्यापारी इस सबसे बहुत परेशान हैं। उन्होंने कहा कि ये विरोध ना किसी सरकार से है, ना किसी व्यक्ति से और ना ही किसी संगठन से है बल्कि ये विरोध GST के जटिल प्रावधानों को समाप्त समाप्त कराने के लिए है।

GST के कड़े प्रावधानों के विरोध में 26 को व्यापारी करेंगे भारत बंद