चेंबर ने शुरू किया “मंथन: आत्मचिंतन से आत्मनिर्भरता की ओर” कार्यक्रम, मोबाइल एप ‘’माध्यम’’ भी लोकार्पित

ग्वालियर ।अतुल सक्सेना| COVID-19 के कारण दो माह के जारी लॉकडाउन से व्यापार-उद्योग जगत को उबारने के लिए चेम्बर द्बारा ‘‘मंथन: आत्मचिंतन से आत्मनिर्भरता की ओर’’ कार्यक्रम प्रारंभ किया है। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल की मौजूदगी में हुआ, इस अवसर पर चेम्बर द्वारा तैयार कराये गये मोबाइल एप ‘‘माध्यम’’ का भी लोकार्पण किया गया ।

कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी अतिथियों को इम्यूनिटि बढ़ाने वाले पौधे तुलसी के गमले देकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर चेम्बर अध्यक्ष विजय गोयल ने कहा कि पिछले दो माह से कोविड-19 के कारण व्यापारी लॉक0डाउन को सह रहे हैं । इस स्थिति से उबरने के लिए चेम्बर ने मंथन कार्यक्रम की शुरूआत की है। अब हमें कोरोना का रोना बंद करके कार्य करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि चेम्बर ने इस महामारी के बीच अपने सामाजिक दायित्व का निर्वाहन करते हुए 5000 खाद्य पैकेटों का वितरण जिला प्रशासन के माध्यम से कराया। सदस्यों को अपडेट करने के लिए गत ई-अर्थवार्ता का प्रकाशन किया सभी पदाधिकारी निरंतर प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से उद्योग-व्यापार जगत के लिए कार्य करते रहे । शहरवासियों को घर बैठे सामान मिले इसके लिए हमने मोबाइल एप ‘माध्यम’’ डेवलप कराया है। इस पर व्यापारी एवं उपभोक्ता एक दूसरे को रजिस्टर्ड कर सामान विक्रय और क्रय कर सकते हैं, यह बिल्कुल नि:शुल्क उपलब्ध है और इसे प्ले स्टोर से डाउनलोन किया जा सकता है| चेम्बर ने 17 मई के पश्‍चात जारी की जाने वाली गाइडलाइन के लिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं ग्वालियर के जनप्रतिनिधियों को सुझाव भेजे हैं ताकि व्यापार-उद्योग जगत की राह आसान हो सके।

मानसेवी सचिव डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि अब हमें कोरोना के साथ ही जीना सीखना होगा। कारोबार को अब लंबे समय तक बंद करके नहीं रखा जा सकता है यदि आगे और ऐसा किया गया तो उसकी भरपाई लंबे समय तक नहीं हो पायेगी। उन्होंने कहा कि हमें जिला प्रशासन को प्रस्ताव दिया है कि कोरोना को रोकने के लिए बाहर से आने वाले लोगों को 100 प्रतिशत इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटाइन कराया जाये इसलिए होटल संचालकों ने जो प्रस्ताव दिया है, उससे हमने  जिला प्रशासन को अवगत कराया दिया है। ताकि बाहर से आने वाले लोगों के कारण शहर में कोरोना का प्रचार-प्रसार न हो। प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि भारतवर्ष का पहला ऐसा व्यवसायिक/औद्योगिक संगठन चेम्बर होगा जिसने व्यापार के लिए मोबाइल एप बनाकर लोगों को सुविधा देने का प्रयास किया है। यह एप बहुत शीघ्रता से बनाया गया है, ऐसे में जो आवश्यक सुधार उपयोगकर्ताओं द्वारा बताये जायेंगे, उन्हें शीघ्र ही अपडेट कराया जायेगा। इसके लिए इसे डेवलप करने वाली एपटेक कंपनी के संचालक अर्चित अग्रवाल व चेंबर के सदस्य निकुंज बंसल 24 घंटे 7 दिवस कार्य करेंगे। मंथन कार्यक्रम के तहत सर्वप्रथम स्थानीय स्तर की समस्याओं का संकलन कर, उनका समाधान कराया जायेगा। फिर राज्य/केन्द्र सरकार स्तर की समस्याओं का संकलन कर, उनके समाधान का प्रयास किया जायेगा।

पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल ने कहा कि चेम्बर ने संवाद की शुरूआत की है, संवाद से ही रास्ते निकलते है और जब हम चिंतन करेंगे तो रास्ता निश्‍चित ही निकलेगा। कोरोना कब तक चलेगा यह कोई नही कह सकता है। लॉक डाउन की भी एक लक्ष्मण रेखा है, उससे ज्यादा चलाया तो बड़ा संकट होगा। इससे निपटने का रास्ता हम सबको निकालना है पूर्व विधायक ने चेम्बर के सुझावों पर कहा कि तीनों शहरों के बाजारों का पट्टीवाइज खोलने का विचार चेम्बर का अच्छा है, परंतु व्यापारियों को सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखना होगा। पूर्व केबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि चेम्बर ने जो स्वयं की कोशिश करके खड़े होने का प्रयास किया है, वह सराहनीय है क्योंकि हम कब तक वैसाखियों पर चलेंगे। शासन, जिला प्रशासन अपने स्तर पर कार्य कर रहा है। हम सभी यदि सकारात्मक सोच के साथ आगे बढेंगे तो निश्‍चित ही हम इससे उबर जायेंगे । चेम्बर ने मंथन कार्यक्रम के माध्यम से व्यापारियों के हौसले को बढाने का काम किया है, वह सराहनीय है। मुख्य अतिथि सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने कहा कि चेम्बर का सूत्र मंथन : आत्मचिंतन से आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा प्रासंगिक है क्योंकि सारी दुनिया आज कोरोना के चलते आत्मचिंतन की अवस्था में और वह भी आत्मचिंतन के बाद आत्मनिर्भरता की बात सोच रहे हैं। दुनिया में कोरोना से लाखों लोग संक्रमित हैं पर हम थोड़ा सुखद स्थिति में है क्योंकि प्रधानमंत्री ने जो जनता से अपेक्षा की थी उसमें जनता ने पूर्ण सहयोग किया है वहीं प्रधानमंत्री ने भी जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रयास किया है। इस संकट से मुकाबला केवल भारत ही कर सकता है इस संकट से मुकाबले के लिए लोगों में सकारात्मक भाव जगाने की आवश्यकता है। सकारात्मकता बढाने व निराशा को दूर करने के लिए जनजागरण की आवश्यकता है। जब हम इस महामारी से लड़ने की बातचेंबर ने शुरू किया “मंथन: आत्मचिंतन से आत्मनिर्भरता की ओर” कार्यक्रम, मोबाइल एप ‘’माध्यम’’ भी लोकार्पित

ग्वालियर । कोविड-19 के कारण दो माह के जारी लॉकडाउन से व्यापार-उद्योग जगत को उबारने के लिए चेम्बर द्बारा ‘‘मंथन: आत्मचिंतन से आत्मनिर्भरता की ओर’’ कार्यक्रम प्रारंभ किया है। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल की मौजूदगी में हुआ, इस अवसर पर चेम्बर द्वारा तैयार कराये गये मोबाइल एप ‘‘माध्यम’’ का भी लोकार्पण किया गया ।

कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी अतिथियों को इम्यूनिटि बढ़ाने वाले पौधे तुलसी के गमले देकर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर चेम्बर अध्यक्ष विजय गोयल ने कहा कि पिछले दो माह से कोविड-19 के कारण व्यापारी लॉक डाउन को सह रहे हैं । इस स्थिति से उबरने के लिए चेम्बर ने मंथन कार्यक्रम की शुरूआत की है। अब हमें कोरोना का रोना बंद करके कार्य करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि चेम्बर ने इस महामारी के बीच अपने सामाजिक दायित्व का निर्वाहन करते हुए 5000 खाद्य पैकेटों का वितरण जिला प्रशासन के माध्यम से कराया। सदस्यों को अपडेट करने के लिए गत ई-अर्थवार्ता का प्रकाशन किया सभी पदाधिकारी निरंतर प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से उद्योग-व्यापार जगत के लिए कार्य करते रहे । शहरवासियों को घर बैठे सामान मिले इसके लिए हमने मोबाइल एप ‘माध्यम’’ डेवलप कराया है। इस पर व्यापारी एवं उपभोक्ता एक दूसरे को रजिस्टर्ड कर सामान विक्रय और क्रय कर सकते हैं, यह बिल्कुल नि:शुल्क उपलब्ध है और इसे प्ले स्टोर से डाउनलोन किया जा सकता है| चेम्बर ने 17 मई के पश्‍चात जारी की जाने वाली गाइडलाइन के लिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं ग्वालियर के जनप्रतिनिधियों को सुझाव भेजे हैं ताकि व्यापार-उद्योग जगत की राह आसान हो सके।

मानसेवी सचिव डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि अब हमें कोरोना के साथ ही जीना सीखना होगा। कारोबार को अब लंबे समय तक बंद करके नहीं रखा जा सकता है यदि आगे और ऐसा किया गया तो उसकी भरपाई लंबे समय तक नहीं हो पायेगी। उन्होंने कहा कि हमें जिला प्रशासन को प्रस्ताव दिया है कि कोरोना को रोकने के लिए बाहर से आने वाले लोगों को 100 प्रतिशत इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटाइन कराया जाये इसलिए होटल संचालकों ने जो प्रस्ताव दिया है, उससे हमने  जिला प्रशासन को अवगत कराया दिया है। ताकि बाहर से आने वाले लोगों के कारण शहर में कोरोना का प्रचार-प्रसार न हो। प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि भारतवर्ष का पहला ऐसा व्यवसायिक/औद्योगिक संगठन चेम्बर होगा जिसने व्यापार के लिए मोबाइल एप बनाकर लोगों को सुविधा देने का प्रयास किया है। यह एप बहुत शीघ्रता से बनाया गया है, ऐसे में जो आवश्यक सुधार उपयोगकर्ताओं द्वारा बताये जायेंगे, उन्हें शीघ्र ही अपडेट कराया जायेगा। इसके लिए इसे डेवलप करने वाली एपटेक कंपनी के संचालक अर्चित अग्रवाल व चेंबर के सदस्य निकुंज बंसल 24 घंटे 7 दिवस कार्य करेंगे। मंथन कार्यक्रम के तहत सर्वप्रथम स्थानीय स्तर की समस्याओं का संकलन कर, उनका समाधान कराया जायेगा। फिर राज्य/केन्द्र सरकार स्तर की समस्याओं का संकलन कर, उनके समाधान का प्रयास किया जायेगा।

पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल ने कहा कि चेम्बर ने संवाद की शुरूआत की है, संवाद से ही रास्ते निकलते है और जब हम चिंतन करेंगे तो रास्ता निश्‍चित ही निकलेगा। कोरोना कब तक चलेगा यह कोई नही कह सकता है। लॉक डाउन की भी एक लक्ष्मण रेखा है, उससे ज्यादा चलाया तो बड़ा संकट होगा। इससे निपटने का रास्ता हम सबको निकालना है पूर्व विधायक ने चेम्बर के सुझावों पर कहा कि तीनों शहरों के बाजारों का पट्टीवाइज खोलने का विचार चेम्बर का अच्छा है, परंतु व्यापारियों को सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखना होगा। पूर्व केबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि चेम्बर ने जो स्वयं की कोशिश करके खड़े होने का प्रयास किया है, वह सराहनीय है क्योंकि हम कब तक वैसाखियों पर चलेंगे। शासन, जिला प्रशासन अपने स्तर पर कार्य कर रहा है। हम सभी यदि सकारात्मक सोच के साथ आगे बढेंगे तो निश्‍चित ही हम इससे उबर जायेंगे । चेम्बर ने मंथन कार्यक्रम के माध्यम से व्यापारियों के हौसले को बढाने का काम किया है, वह सराहनीय है। मुख्य अतिथि सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने कहा कि चेम्बर का सूत्र मंथन : आत्मचिंतन से आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा प्रासंगिक है क्योंकि सारी दुनिया आज कोरोना के चलते आत्मचिंतन की अवस्था में और वह भी आत्मचिंतन के बाद आत्मनिर्भरता की बात सोच रहे हैं। दुनिया में कोरोना से लाखों लोग संक्रमित हैं पर हम थोड़ा सुखद स्थिति में है क्योंकि प्रधानमंत्री ने जो जनता से अपेक्षा की थी उसमें जनता ने पूर्ण सहयोग किया है वहीं प्रधानमंत्री ने भी जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रयास किया है। इस संकट से मुकाबला केवल भारत ही कर सकता है इस संकट से मुकाबले के लिए लोगों में सकारात्मक भाव जगाने की आवश्यकता है। सकारात्मकता बढाने व निराशा को दूर करने के लिए जनजागरण की आवश्यकता है। जब हम इस महामारी से लड़ने की बात करते है तो यही ध्येय होता है कि नुकसान कम से कम हो। इसके लिए केन्द्र सरकार ने कदम उठाया है और एमएसएमई के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा की है,प्रधानमंत्री ने कहाकि अगला लॉकडाउन नये रंगरूप में होगा चेम्बर ने भी इसके लिए सुझाव दिये हैं। मेरा भी प्रयास होगा कि यह सुझाव केन्द्र सरकार तक पहुंचाऊं , चेम्बर ने डिजिटल प्लेटफार्म का जो उपयोग किया है वो सराहनीय है। करते है तो यही ध्येय होता है कि नुकसान कम से कम हो। इसके लिए केन्द्र सरकार ने कदम उठाया है और एमएसएमई के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा की है,प्रधानमंत्री ने कहाकि अगला लॉकडाउन नये रंगरूप में होगा चेम्बर ने भी इसके लिए सुझाव दिये हैं। मेरा भी प्रयास होगा कि यह सुझाव केन्द्र सरकार तक पहुंचाऊं , चेम्बर ने डिजिटल प्लेटफार्म का जो उपयोग किया है वो सराहनीय है।