ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

विश्व के कई देशों में कोरोना वायरस के हड़कंप के बीच चीन से ग्वालियर पहुंचे एक परिवार की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन के उस वक्त हाथ पांव फूल गए जब उन्हें पता चला कि गुपचुप आये इस परिवार के एक बच्चे को भी सर्दी जुकाम है । स्वास्थ्य विभाग ने जब परिजनों को भर्ती होने और बच्चे का सेम्पल देने के लिए कहा तो उन्होंने इंकार कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने पूरे परिवार को घर में ही आइसोलेट कर दिया गया है और आज परिवार को तैयार कर बच्चे का सेम्पल लेकर पुणे भेज दिया।

जानकारी के अनुसार ग्वालियर के मुरार क्षेत्र में रहने वाले यह परिवार चीन के शंघाई शहर में नौकरी करता है। चीन में कोरोना वायरस फैलने के बाद फरवरी में भारत ने चीन से आने वालों पर सख्ती कर दी थी। बावजूद इसे यह परिवार 20 फरवरी को मलेशिया के रास्ते भारत पहुंचा। मलेशिया से आने के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर इनकी स्क्रीनिंग नहीं हुई। परिवार रेल मार्ग से चुपचाप ग्वालियर आ गया। तभी से पूरा परिवार घर पर रह रहा था, लेकिन जब से परिवार चीन से लौटा है उनके 15 माह के बच्चे का सर्दी जुकाम ठीक नहीं हो रहा।

शुक्रवार को माता-पिता बच्चे को लेकर शासकीय माधव डिस्पेंसरी की ओपीडी पहुंचे। वहां बच्चे और परिवार की ट्रेवल हिस्ट्री पता चली। इसके बाद बच्चे को कमला राजा अस्पताल में बनाये गए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करने के लिए भेजा गया और प्रशासन को सूचना दी गई। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बच्चे को जब तक देखने पहुंचे लेकिन उससे पहले ही परिजन बच्चे को लेकर चले गए उन्होंने अस्पताल में गंदगी का बहाना बनाकर बच्चे को भर्ती कराने की मना कर दी। बच्चे को घर ले जाने की खबर लगते ही प्रशासन के हाथ पांव फूल गए।

घबराए प्रशासनिक अधिकारियों ने आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग की टीम को उनके घर भेजा। पहले तो परिवार ने टीम को घर में घुसने नहीं दिया। काफी समझाने के बाद उनके घर में दवा का छिड़काव किया गया। और उनके घर को आइसोलेट कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार बच्चे की निगरानी कर रही है। अच्छी बात ये है कि बच्चे के माता-पिता पूरी तरह स्वस्थ बताए गए हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसके वर्मा ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ को बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्चे और परिवार की निगरानी कर रही है। शनिवार को बच्चे का सेम्पल लेकर पुणे भेज दिया गए हैं। बच्चा और उसका परिवार ठीक है।