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ग्वालियर। अंचल में मिलावटी और नकली दूध के उत्पादन और बिक्री की सूचना पर चल रही छापामार कार्रवाई के बाद अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। डीएम एवं कलेक्टर अनुराग चौधरी ने मिलावटी दूध का कारोबार करने वाले उम्मेद सिंह रावत पर रासुका की कार्रवाई की है। ये आदेश तीन महीने तक प्रभावी रहेगा।

जिले में नकली और मिलावटी दूध के कारोबार पर छापा मार कार्रवाई के दौरान बीती 24 एवं 25 जुलाई को SDM के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मोहना में बाबा डेयरी पर कार्रवाई की थी। ये डेयरी उम्मेद सिंह रावत की है। प्रशासनिक टीम को यहाँ भारी मात्रा में मिलावटी दूध और कैमिकल रखे मिले थे। प्रशासन ने दूध के सेम्पल लेकर उसे वहीँ नष्ट कर दिया जबकि कैमिकल को जब्त कर लिया।  मामले की जब जांच हुई तो मालूम चला कि उम्मीद बहुत लम्बे समय से मिलावटी दूध के कारोबार में लिप्त है। वो कारोबार का स्थान और संस्थान का नाम बदलकर कारोबार करता है। चूँकि जनता भयभीत है इसी कारण पुलिस और प्रशासन से शिकायत भी नहीं करती।  जांच के बाद जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर ने इसे गंभीर अपराध माना और उम्मेद के खिलाफ बीती रात 2 अगस्त को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई के आदेश दे दिए।  श्री चौधरी ने एसपी को कार्रवाई के लिए निर्देश दिया है।  

उम्मीद पर पहले से दर्ज हैं पांच प्रकरण

मिलावटखोरी के धंधे में लिप्त उम्मेद सिंह रावत के खिलाफ कुल पांच मामले दर्ज हैं जिनमें से तीन प्रकरण खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के पास है और दो मामले मोहना थाने में दर्ज हैं। 

10 साल पहले हुई थी रासुका में कार्रवाई

मिलावटखोरी पर रासुका के तहत कार्रवाई 10 साल पहले 2009 में तत्कालीन जिला दंडाधिकारी और कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने की थी। श्री त्रिपाठी ने 2 अगस्त 2009 को मिलावटी घी के कारोबारी प्रीतम अग्रवाल, जीतू कुशवाह, ज्ञानेश शर्मा, ब्रजेश दुबे, मनोज अग्रवाल, नरेश निगम और राधेश्याम अग्रवाल पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की थी। उसके बाद से मिलावटखोरी का ये धंधा बदस्तूर जारी है लेकिन इन 10 वर्षों में इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके चलते ये व्यापार खूब फला फूला और लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करता रहा।