ग्वालियर । डॉक्टरों द्वारा  प्रशासन के अधिकारियों के  खिलाफ की गई बयानबाजी और बहिष्कार के एलान के कुछ घंटों  बाद ही आज प्रशासन ने करारा जवाब दिया है । वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सीएमएचओ  ने नेतृत्व में एक टीम ने  शहर के निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों पर ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई की। प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे के रडार पर वे हॉस्पिटल रहे जो बेसमेंट में संचालित हो रहे है। हालांकि इस दौरान लगभग एक दर्जन से अधिक हॉस्पिटल में अनियमितता मिलने पर नोटिस चस्पा किये गए इसमें बड़ा नाम बसंत विहार में संचालित सहारा अस्पताल का है जिसके संचालक डॉ एएस भल्ला ने अधिकारियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली थी।  गौरतलब है कि मंगलवार की देर शाम शहर के सरकारी और निजी। अस्पतालों के डॉक्टरों ने लामबंद होकर जिला प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया था । दरअसल डॉक्टरों कंकहना था कि पिछले से प्रशासनिक अधिकारियों की अस्पतालों में दखलंदाजी बढ़ गई है और उन्होंने इसे प्रयोग का मैदान बना लिया है।  डॉक्टरों ने  घोषणा की थी कि वे ना तो जिला प्रशासन के अधिकारियों को सर कहेंगे और ना ही उनका इलाज घर जाकर करेंगे साथ ही उन्हें किसी भी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि नहीं बुलायेंगे और न ही उनके आदेश मानेंगे।  करेंगे। इसके जवाब में प्रशासन ने अपना शिकंजा कसा हैं। प्रशासन ने आज देर शाम  मैक्स हॉस्पिटल  का पंजीयन निलम्बित कर दिया इसके अलावा पल्स हॉस्पिटल ,साईं श्राद्ध  IVF test tube baby centre  ,ग्रोवर हॉस्पिटल,कल्याण हॉस्पिटल मुरार, कार्तिक अस्पताल, कायाकल्प अस्पताल ,विद्या केंसर अस्पताल,साईं केयर अस्पताल, कृष्णा अस्पताल आदि पर नोटिस चस्पा किये।