JAH परिसर के सभी गेट बंद कराए, फिर संयुक्त कार्रवाई में प्रशासन ने पकड़ी अवैध 33 एम्बुलेंस

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ग्वालियर। जयारोग्य अस्पताल समूह में पिछले लम्बे अरसे से एम्बुलेंस के अवैध कारोबार की सूचनाएं मिल रहीं थी। अस्पताल अधीक्षक ने कई बार एम्बुलेंस संचालकों को अस्पताल परिसर से बाहर निकलने की चेतावनी दी लेकिन जब एम्बुलेंस खड़ी होना बंद नहीं हुई तो अस्पताल अधीक्षक की शिकायत पर प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर अवैध रूप से संचालित 33 एम्बुलेंस को जब्त कर लिया।

अंचल के सबसे बड़े अस्पताल समूह JAH की ओपीडी माधव डिस्पेंसरी, केजुअल्टी,ट्रॉमा सेंटर सहित जयारोग्य अस्पताल और कमला राजा अस्पताल में रोज हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इन मरीजोन को ले जाने के लिए यहाँ एम्बुलेंस की व्यवस्था है लेकिन पिछले लम्बे अरसे से एम्बुलेंस संचालक मनमानी पर उतर आये थे। मरीजों से मनमाना शुल्क और बदसलूकी की शिकायत कई बार अस्पताल अधीक्षक के पास पहुंची थी। शिकायतों के बाद जब अधीक्षक  डॉ अशोक मिश्रा ने जांच कराई तो मालूम चला कि अस्पताल परिसर में खड़ी होने वाली केवल 4 एम्बुलेंस को छोड़कर शेष कोई भी एम्बुलेंस रजिस्टर्ड नहीं हैं । उसके बाद अधीक्षक ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए कहा जिसके बाद कलेक्टर और एसपी के निर्देश पर गठित संयुक्त दल ने कार्रवाई करते हुए 33 अवैध संचालित एम्बुलेंस को जब्त कर लिया। उधर कार्रवाई से पहले संयुक्त टीम ने अस्पताल प्रबंधन से अस्पताल समूह के सभी गेट बंद करवा दिए जिससे कोई एम्बुलेंस बाहर नहीं जा सके। लेकिन जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई एम्बुलेंस चालकों ने विरोध शुरू कर दिया । कुछ गाड़ी लेकर भागे लेकिन गेट बंद होने से बाहर नहीं जा सके तो उन्होंने चाबी देने से इंकार कर दिया और हंगामा करने लगे। हंगामा होते देख अफसरों ने अतिरिक्त पुलिस फ़ोर्स बुलवा लिया। जिसके बाद अधिकारियों ने सभी एम्बुलेंस चालकों को कम्पू थाने चलने के लिए कहा लेकिन चालकों ने जाने से इंकार कर दिया और अस्पताल परिसर में ही गाड़ियाँ पार्क कर दी। उसके बाद पुलिस ने क्रेन बुलवा ली और एम्बुलेंस ले जाने लगे उसके बाद एम्बुलेंस चालक स्वयं अपनी गाड़ी पुलिया थाने पर ले जाने के लिए तैयार हो गए। पुलिस के मुताबिक अवैध संचालित एम्बुलेंस पर धारा188 के तहत कार्रवाई की गई है यदि इन वाहनों ने शासकीय आदेश की अवहेलना की तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।