चुनाव से फुर्सत हुए तो कुछ यूं मिले दो प्रतिद्वंदी प्रत्याशी, गले लगे, चाय पर की चर्चा

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ग्वालियर । राजनीति में बयानबाजी का स्तर दिनोंदिन गिरता जा रहा है। चुनाव आते आते तो नेताओं की बोली ने सभी सीमाएं तोड़ दी । लेकिन ग्वालियर में दो प्रत्याशियों ने मर्यादाएं बनाये रखकर अनूठा उदाहरण पेश किया। इतना ही नहीं मतगणना होने कुछ दिन पहले ही इन दोनों ने सौजन्य भेंट भी की जिसे स्वच्छ राजनीति के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।

ग्वालियर लोकसभा सीट से कांग्रेस ने अशोक सिंह को प्रत्याशी बनाया तो भाजपा ने महापौर विवेक शेजवलकर को चुनाव मैदान में उतारा। इनके प्रचार के लिए आये कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया और पीएम नरेन्द्र मोदी ने भले ही एक दूसरे पर तीखे और व्यक्तिगत प्रहार किये हो लेकिन अशोक सिंह और विवेक शेजवलकर ने अपना संयम नहीं खोया। उन्होंने पूरे प्रचार के दौरान कभी भी एक दूसरे पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की। इतना ही नहीं मतगणना से पहले भाजपा प्रत्याशी महापौर विवेक नारायण शेजवलकर अचानक कांग्रेस प्रत्याशी  अशोक सिंह के बंगले पर सौजन्य भेंट करने पहुंच गए।  दोनों नेता एक-दूसरे गले मिले और चाय की चुस्की के साथ चुनावी चर्चा छोड़कर घर-परिवार  की चर्चा की।

विवेक नारायण शेजवलकर व अशोक सिंह के परिवार की विचारधारा एक-दूसरे के विपरीत होने के बावजूद परिवारिक रिश्ते रहे हैं।  इस बार पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह की पुण्यतिथि से पहले कांग्रेस अशोक सिंह को प्रत्याशी घोषित कर चुकी थी। इससे पहले विवेक शेजवलकर को भाजपा भी अपना उम्मीदवार घोषित कर चुकी थी, इसलिए विवेक पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित करने नहीं जा सके। अचानक विवेक शेजवलकर को अशोक सिंह के बंगले पर खड़ा देखकर समर्थक चौंक गए। अशोक सिंह महापौर को ससम्मान बंगले के अंदर ले गए। 30 मिनट दोनों नेताओं ने चुनाव की बात छोड़कर घर-परिवार की बात की।