गोदाम में धूल खा रहीं साइकिलें, स्मार्ट सिटी के अफसरों को नहीं पता कब चलेंगी

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ग्वालियर। स्मार्ट सिटी योजना के तहत बनाई गई स्मार्ट साइकिल चलानें की योजना कागजों में दौड़ रही है लेकिन जमीन पर ना तो साइकिल दिखाई दे रहीं हैं ना ही साइकिल ट्रेक।

भोपाल में फ्लॉप होने के बाद भी ग्वालियर में इस योजना पर अब तक लगभग 2 करोड़ रुपये खर्च कर साइकिल ट्रेक बनवा दिए गए। योजना के तहत शहर में 50 किलोमीटर लम्बा साइकिल ट्रेक बनाया जाना है इसमें से 28 किलोमीटर का सर्वे कर 11 किलोमीटर के ट्रेक बनवा दिए गए।  लेकिन साइकिलें इसपर नहीं चलीं। नतीजा अधिकांश जगह ये ट्रेक उखड़ गए। उधर बहुत से जगह अधिकारियों ने इसे बनाते समय इसपर पेज बिजली ट्रांसफार्मर,खम्बे और पेड़ आदि नहीं हटाये यानि पैसा बर्बाद कर दिया। शहर में आठ डाकिंग स्टेशन भी बनवा दिए गए लेकिन उनका भी उपयोग असामाजिक तत्व कर रहे हैं योजना के तहत पहले चरण में स्मार्ट सिटी कम्पनी के आधिकरियो ने 200 साइकिलें मंगवा लीं लेकिन ये साइकिलें गोदाम में रखीं धूल खा रहीं हैं। 

स्मार्ट सिटी के अधिकारी इस योजना को शहर और शहरवासियों के हिसाब से बहुत बेहतर मानते हैं उनका कहना है कि तैयारियां पूरी हो गईं हैं। योजना के दूसरे चरण में 400 साइकिलें और मंगाई जाएँगी और शहर में कुल 50 डाकिंग स्टेशन बनाये जायेंगे जिसका लाभ शहर को मिलेगा। लेकिन ये सब कब पूरा होगा और साइकिल ट्रेक पर साइकिलें कब से दौड़ने लगेंगी इसका जवाब उनके पास नहीं है।