बड़ी खबर : नगरीय निकाय चुनाव को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर, सरकार को नोटिस जारी

डबरा नपा पूर्व अध्यक्ष ने आशंका जताई कि जब पार्षद अध्यक्ष का चुनाव करेंगे तो धनबल और बाहुबल का उपयोग होता है। आम व्यक्ति को अध्यक्ष बनने का मौका नहीं मिलता। 

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मप्र में नगरीय निकाय चुनावों (MP urban body elections) की घोषणा हो चुकी है निर्वाचन आयोग, सरकार और जिला प्रशासन सभी तैयारियों में लगे हैं इस बीच मप्र हाई कोर्ट की ग्वलियर (MP High Court) बेंच में एक जनहित याचिका में दायर की गई है जिसमें नगर पालिका और नगर पंचायत के अध्यक्षों के चुनाव को चुनौती दी गई है। याचिका की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और जिला निर्वाचन अधिकारी को नोटिस जारी किया है।

डबरा नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष सत्य प्रकाशी परसेडिया ने नगर पालिका और नगर पंचायत के अध्यक्षों के अप्रत्यक्ष चुनाव को ग्वालियर हाई कोर्ट (Gwalior High Court) में चुनौती दी है। याचिका में पूर्व अध्यक्ष ने महापौर और अध्यक्षों के चुनाव दो तरह से कराने पर आपत्ति जताई है।

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सत्य प्रकाशी परसेडिया ने याचिका में कहा कि इस बार तय हुआ है नगर निगम के चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से हो रहे हैं जिसमें महापौर को जनता चुनेगी, लेकिन नगर पंचायत  और नगर पालिका अध्यक्ष को पार्षद चुनेंगे। ये मौलिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने सवाल किया कि जब महापौर को जनता चुन सकती है तो नगर पंचायत और नगर पालिका अध्यक्ष को जनता सीधे क्यों नहीं चुन सकती।

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डबरा नपा पूर्व अध्यक्ष ने आशंका जताई कि जब पार्षद अध्यक्ष का चुनाव करेंगे तो धनबल और बाहुबल का उपयोग होता है। आम व्यक्ति को अध्यक्ष बनने का मौका नहीं मिलता। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने जिला निर्वाचन अधिकारी और सरकार को नोटिस जारी किया है और इस प्रणाली पर जवाब मांगा है।